Jamnagar: गुजरात के जामनगर से ठगी का एक और मामला सामने आया है। एक बार फिर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्टर कर 26.90 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू की और इस वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपी को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया गया है।
जामनगर में एक और साइबर ठगी (फोटो Canva)
जोधपुर से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि ठगों ने जामनगर के रहने वाले गणेश कृष्णाजी ठाकरे को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और 26.90 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजूराम के रूप में की है, जिसकी उम्र 32 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अलग-अलग स्टेट में मौजूद अपनी गैंग के साथ मिलकर कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे। इस तरह की वारदात को अंजाम देने के लिए कई बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया।
ऐसे दिया ठगी को अंजाम
पुलिस अधिकारी ने बताया की आरोपी ने क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर गणेश कृष्णाजी ठाकरे को फोन किया। आरोपी ने पीड़ित को कहा कि उनके नाम पर एक कूरियर पकड़ा गया है, जिसमें 140 ग्राम एमडीएमए (नशिली दवा) मिला है। उसके बाद पीड़ित को डरा कर स्काइप एप पर लाया गया और डिजिटल अरेस्ट किया गया। आरोपी ने पीड़ित को गिरफ्तारी का नाम लेकर डराया और 26.90 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
