Aaj Ka Mausam (आज का मौसम ): मार्च का महीना आमतौर पर सुहावनी गुलाबी ठंड की विदाई और हल्की गुनगुनी धूप के लिए जाना जाता है,लेकिन साल 2026 का यह मार्च कुछ अलग ही रंग दिखा रहा है। आज शुक्रवार, 13 मार्च को पूरा भारत मौसम के दो चरम छोरों के बीच झूल रहा है। जहां एक तरफ पश्चिम भारत के गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से भीषण 'हीट वेव' की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के आसमान से मानसूनी बादलों जैसी मूसलाधार बारिश बरस रही है। मौसम विभाग (IMD) की भविष्यवाणियां संकेत दे रही हैं कि उत्तर भारत में गर्मी अब अपने पैर पसार चुकी है, जबकि दक्षिण में बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी तटीय इलाकों को भिगोने के लिए तैयार है। यह कुदरत का वह विरोधाभास है जहां एक राज्य पानी के लिए तरस रहा है, तो दूसरा छतरियां तानने को मजबूर है।
आज कहीं बारिश तो कहीं हीटवेव का अलर्ट
यूपी में हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक 13 जनवरी को उत्तर प्रदेश में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास रहने वाला है, इसके साथ ही आसमान भी साफ रहेगा। लेकिन दो दिन बाद 15 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है की संभावना है।
गुजरात का मौसम
आज गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने यहां 'सीवियर हीट वेव' का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जो सामान्य से 5 डिग्री से भी अधिक है। सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि यहां की रातें भी गर्म श्रेणी में दर्ज की जा रही हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे चैन नहीं मिल रहा है।
मध्य प्रदेश का मौसम
राज्य के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में भी कमोबेश यही स्थिति गुजरात सी ही है। मध्य प्रदेश में गुरुवार को सीजन का पहला हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया था। आज शुक्रवार को भी रतलाम, धार और नर्मदापुरम में लू का अलर्ट जारी है। गर्म हवा के थपेड़ों ने आम जनजीवन की रफ्तार को धीमा कर दिया है। डॉक्टरों और प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय भारी काम करने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह गर्मी विशेष रूप से घातक साबित हो सकती है, इसलिए उन्हें घर के भीतर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
दिल्ली में कैसा रहेगा आज का मौसम
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार की सुबह एक धुंध भरी गर्मी के साथ हुई। यहां का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा है। दिल्ली वालों के लिए दोहरी मार यह है कि तापमान बढ़ने के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता (AQI) भी 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। हालांकि आसमान साफ रहेगा, लेकिन दोपहर की धूप अब चुभने लगी है। दिल्ली में अगले दो दिनों तक इसी तरह की शुष्क गर्मी बनी रहेगी, हालांकि 15 मार्च के आसपास एक नए पश्चिमी विक्षोभ की आहट से हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है, जो शायद कुछ पल की राहत लेकर आए।
पूर्वोत्तर भारत और बंगाल में मूसलाधार बारिश का तांडव
पश्चिम के सूखे के ठीक विपरीत, देश का पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सा पानी-पानी हो रहा है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में आज भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बादलों ने डेरा डाल रखा है। यहां न केवल मूसलाधार बारिश हो रही है, बल्कि कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की भी खबरें हैं। शिलांग और आसपास के इलाकों में गिरे ओलों ने तापमान में अचानक गिरावट ला दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) हो सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे इन क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु में उमस और हल्की फुहारें
दक्षिण की ओर रुख करें तो तमिलनाडु और चेन्नई में मौसम का एक अलग ही मिजाज देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक चक्रवाती परिसंचरण के कारण दक्षिणी तटीय जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। चेन्नई में आज आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी, जिससे धूप की तपिश तो कम होगी लेकिन हवा में नमी (Humidity) का स्तर बढ़ जाएगा। यह उमस भरी गर्मी स्थानीय निवासियों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 मार्च तक तमिलनाडु के तापमान में 2 डिग्री की और वृद्धि होगी, जो इस मौसम के लिए सामान्य है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे धूप से बचने के साथ-साथ आर्द्रता के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन का भी ध्यान रखें।
किसानों के लिए चुनौतियां और कृषि परामर्श
मौसम के इस बदलते मिजाज ने देश के अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में चिंता जताई है कि जहां उत्तर और मध्य भारत में बढ़ता तापमान गेहूं, चना और सरसों की फसल को समय से पहले पकाकर दानों को छोटा कर सकता है, वहीं पूर्वोत्तर की भारी बारिश आलू और मटर की कटी हुई फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे गर्मी वाले इलाकों में फसलों की हल्की सिंचाई केवल सुबह या शाम के समय ही करें। बागवानी करने वाले किसानों को सलाह दी गई है कि वे छोटे पौधों को तेज धूप और लू से बचाने के लिए पुआल या गीली बोरियों का इस्तेमाल करें। वहीं, बंगाल और पूर्वोत्तर के किसानों को जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और पकी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
राहत की खबर यह है कि 14 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की उम्मीद है। यह विक्षोभ उत्तर भारत के बढ़ते तापमान पर कुछ हद तक लगाम लगा सकता है। हालांकि, तब तक गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों को भीषण गर्मी का सामना करना ही होगा।
