Chandigarh News: चंडीगढ़ में करोड़ों रुपये के कथित IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले से जुड़े मामले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल में बंद मामले के मुख्य आरोपी विक्रम वाधवा को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय सेक्टर-17 स्थित एक नामी होटल में पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी विक्रम वाधवा (फाइल फोटो)
सेक्टर-17 के एक होटल में ले जाया गया
जानकारी के मुताबिक, विक्रम वाधवा को मेडिकल चेकअप के लिए चंडीगढ़ की बुडैल जेल से सेक्टर-16 स्थित अस्पताल ले जाया जाना था। इसके लिए पुलिसकर्मियों की एक टीम उसके साथ रवाना हुई थी। हालांकि, आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बजाय आरोपी को सेक्टर-17 के एक होटल में ले जाया गया। यहां वह काफी समय तक मौजूद रहा।
किसे-किसे किया गया गिरफ्तार?
मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने होटल में छापेमारी की। इस दौरान मौके से विक्रम वाधवा के अलावा उसके बेटे करण वाधवा और कुनाल वाधवा को भी पकड़ा गया। कार्रवाई में चंडीगढ़ पुलिस के SI जगमेहर सिंह और ASI सुरेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी
बताया जा रहा है कि विक्रम वाधवा हरियाणा और चंडीगढ़ में सामने आए करीब 800 करोड़ रुपये के कथित IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी है और फिलहाल जेल में बंद है। उसे इलाज और मेडिकल जांच के नाम पर जेल से बाहर लाया गया था। आरोप है कि उसके साथ तैनात पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत के चलते उसे अस्पताल ले जाने के बजाय होटल पहुंचाया गया।
पूरे मामले की जांच जारी
होटल में पुलिस की छापेमारी के दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पूरी कार्रवाई देखी जा सकती है। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आरोपी को अस्पताल के बजाय होटल ले जाने की योजना किसने बनाई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
