विस्फोट से चट्टान को उड़ाया, घरों में आ गई दरार; कड़ाके की ठंड में रातभर घर से बाहर ठिठुरते रहे परिवार

पीड़ित ने कहा कि जब हम कंपन की शिकायत कर रहे थे तो विस्फोट करने की क्या जरूरत थी और अब मकानों में दरारें आ गई हैं। हमने अपने घर बनाने में अपनी सारी कमाई लगाई है। अब हम कहां जाएंगे?

शिमला : चलौंठी क्षेत्र में दो आवासीय इमारतों और एक होटल में दरारें आने के बाद ठंड में करीब 15 परिवार रातोंरात बेघर हो गए। प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया कि भट्टाकुफर और चलौंठी के बीच सड़क को चार लेन करने के लिए सुरंग खोदने के वास्ते चट्टानों में किए जा रहे विस्फोट के कारण इमारतों में दरारें पड़ीं। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा शुरू की गई है और इसे एक निजी कंपनी क्रियान्वित कर रही है। उन्होंने कहा कि कई शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया और अब विस्फोट के कारण उनके मकान जोखिम में हैं। प्रभावित परिवारों ने सुरंग निर्माण करने वाली कंपनी पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।

Shimla buildings cracks

शिमला में 15 परिवार रातोंरात हुए बेघर (फोटो-ट्विटर)

क्या बोले पीड़ित

पूजा नाम की स्थानीय महिला ने कहा कि करीब तीन दिन पहले दीवारों में मामूली दरारें दिखने लगी थीं और निर्माण कंपनी के अलावा जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने कोई बड़ा खतरा होने से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम दरारें अचानक बढ़ गईं और कंपनी के अधिकारियों ने निवासियों से घर खाली करने को कहा। एक अन्य निवासी ने कहा, ‘‘जब हम कंपन की शिकायत कर रहे थे तो विस्फोट करने की क्या जरूरत थी और अब मकानों में दरारें आ गई हैं। हमने अपने घर बनाने में अपनी सारी कमाई लगाई है। अब हम कहां जाएंगे?

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