Zomato Food Scam: फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो से जुड़े नए स्कैम (घोटाला) को लेकर कंपनी से जुड़े एक डिलीवरी ब्वॉय ने बताया है कि असल समस्या कहां है। महाराष्ट्र के मुंबई में दीप सिंह नाम के जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय (चार साल से अधिक समय से जुड़े) ने दावा किया है कि जोमैटो के लिए काम करने वाले कुछ राइडर्स चोरी करते हैं और वे ही चपत लगाते हैं। वे ऑर्डर ले लेते हैं, पर ऐप पर उसे एक्सेप्ट नहीं करते हैं। दरअसल, जिन विनय सती (आंतरप्रिन्योर) ने हाल ही में जोमैटो के इस स्कैम को सोशल मीडिया के जरिए उजागर किया था, उनके पोस्ट पर सिंह ने अपनी बात रखी और यह भी कहा कि असल समस्या हल ही है।
Zomato Food Scam: तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
उन्होंने इसके आगे यह भी कमेंट किया- राइडर के नाते मैं आपको सुझाव दूंगा...पहले तो जोमैटो गलत है, पर कुछ जगहों पर जोमैटो सही है। जहां वह गलत है, वहां उसे काम करने की जरूरत है। राइडर के नाते मैं बहुत सारे लोगों से मिलता हूं, जो कि चोर है। वे रेस्त्रां से ऑर्डर तो लेते हैं, मगर हमारे ऐप पर उसे पिक नहीं करते। ऐसे में असल समस्या है कि वे ऐसा करते क्यों हैं।
बकौल सिंह, "अगर हम समस्या के बारे में जानना चाहते हैं, तब हमें उसे समझना होगा कि ऐसा होता क्यों है। बड़े ही सम्मान के साथ बताना चाहता हूं कि ऐसा सिर्फ पांच फीसदी राइडर्स ही करते हैं और जोमैटो इस तरीके के राइडर्स के खिलाफ एक्शन लेना चाहता है। सिर्फ टीएल (टीम लीडर्स) के पास इस समस्या का समाधान है। लेकिन हर इलाके में हर जगह आपको कोई टीएल नहीं मिलेगा, क्योंकि वे हमारे लिए नौ से छह बजे के टाइम फ्रेम में रहते हैं, पर उन्हें जिम्मेदारी नहीं मिलती।"
आगे उदाहरण का जिक्र करते हुए दीप ने लिखा, "मान लीजिए कि मैं राइडर हूं और मेरा एक्सिडेंट हो गया है। मैं इस दौरान अपने टीएल को फोन करता हूं, पर वह फोन नहीं उठाता है क्योंकि वह वैसा नहीं करना चाहता है। ऐसे में मुझे लगता है कि जोमैटो को टीएल टीम के स्तर पर समस्याओं का हल करना चाहिए। साथ ही कुछ टीएल भर्ती करने चाहिए, जिन्हें कुछ जिम्मेदारियां दी जानी चाहिए।"
