Zoho Founder Sridhar Vembu and his wife Pramila Srinivasan Divorce: सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली भारतीय इंटरनेट कंपनी Zoho के फाउंडर श्रीधर वेंबू और उनकी पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन का तलाक सुर्खियों में हैं। पत्नी प्रमिला ने श्रीधर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि श्रीधर ने उन्हें और अपने स्पेशल जरूरत वाले बेटे को उनके हाल पर छोड़ दिया है। और गलत तरीके से कंपनी के शेयर ट्रांसफर करके उन्हें मिलने वाली हिस्सेदारी को देने से किनारा कर रहे हैं। हालांकि पत्नी के आरोपों पर श्रीधर ने ट्वीट के जरिए सफाई देते हुए, सभी आरोपों से इंकार किया है। और खुद को आत्महत्या करने जैसे अवसाद की स्थिति में पहुंचने की बात कही है।
श्रीधर वेम्बू जोहो के फाउंडर और सीईओ हैं।
अमेरिका में फाइल हुआ तलाक
श्रीधर और प्रमिला अमेरिका की कैलिफोर्निया में रहते हैं और दोनों ने तलाक के लिए आवेदन कर रखा है। दोनों ने 29 साल साथ रहने के बाद अगस्त 2021 में तलाक लेने का फैसला लिया था। इसके बाद पत्नी ने अदालत में यह शिकायत दर्ज कराई है कि वेम्बू ने जानबूझकर एक जटिल लेन-देन के जरिए जोहो में मौजूद अपनी बड़ी हिस्से से छुटकारा पा लिया है। इसके अलावा उन्होंने जोहो के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज को भारत ट्रांसफर कर दिया है। यही नहीं वेम्बू ने बिना उनकी जानकारी के अधिकतर शेयरों को अपनी बहन और अपने बीच बांट लिया है।
इन आरोपों पर श्रीधर ने 14 मार्च को किए गए ट्वीट में सफाई देते हुए लिखा है कि सभी आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत है। और यह पूरी तरह से गलत है कि उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे को उनके हाल पर छोड़ दिया है। उन्होंने यह भी लिखा है कि मैंने कोई शेयर किसी को ट्रांसफर नहीं किए हैं। साथ ही हम दोनों के शुरूआती 27 साल के इतिहास में, मैं 24 साल अमेरिका में रहा। मैंने कंपनी की अधिकतर चीजें भारत में बनाई थी। जो कि कंपनी को स्वामित्व में भी दिखता है।
1/ With vicious personal attacks and slander on my character, it is time for me to respond.This is a deeply painf… t.co/Riy9nxN88R
— ANI (@ANI) Mar 14, 2023
कौन हैं श्रीधर वेम्बू
फोर्ब्स के मुताबिक, श्रीधर वेंबू की नेटवर्थ 3.8 अरब डॉलर हैं।श्रीधर उन चुनिंदा बिजनेसमैन में से एक हैं जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उन्होंने IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद अमेरिका में पीएचडी की है। कॅरियर की शुरुआत में अमेरिका में ही क्वॉलकॉम के लिए काम किया। श्रीधर वेम्बू ने 1996 में जोहो की नींव रखी और उसके बाद उनका कारोबार बढ़ता चला गया। हालांकि उन्हें गांवों से खास लगाव रहा है। इसलिए उन्होंने चेन्नई के अलावा कंपनी का एक ऑफिस तमिलनाडु के तेनकासी जिले के माथलमपराई गांव में भी बनवाया है। जहां पर 500 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
