क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो (Zepto) ने शेयर बाजार में उतरने की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया है। कंपनी ने बिना ज्यादा शोर-शराबे के भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपने आईपीओ (IPO) से जुड़े दस्तावेज जमा कर दिए हैं। जेप्टो का प्लान शेयर बाजार से करीब 11,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इस कदम के साथ ही जेप्टो उन नई टेक कंपनियों की कतार में खड़ी हो गई है, जो आने वाले समय में पब्लिक होने की तैयारी कर रही हैं।
जेप्टो का यह कदम इसलिए भी खास है क्योंकि कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का रास्ता चुना है। यानी अभी कंपनी ने अपने फाइनेंशियल आंकड़े और बाकी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि जेप्टो का यह प्लान क्या है और निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब निकलता है।
चुपचाप की गई कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग
जेप्टो ने सेबी के पास कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग के जरिए अपने आईपीओ पेपर्स जमा किए हैं। इसका मतलब है कि कंपनी ने अभी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को सार्वजनिक नहीं किया है। इस तरीके से कंपनियों को बाजार की स्थिति को परखने और जरूरत के मुताबिक अपनी रणनीति बदलने की आज़ादी मिलती है।
11,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेप्टो का लक्ष्य आईपीओ के जरिए करीब 11,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। यह रकम कंपनी के विस्तार, टेक्नोलॉजी में निवेश, डिलीवरी नेटवर्क मजबूत करने और नए शहरों में कारोबार बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
जेप्टो भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में से एक है। कंपनी 10 मिनट में ग्रॉसरी और जरूरी सामान डिलीवर करने का दावा करती है। आज जेप्टो कई बड़े शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है और इसकी टक्कर ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट और टाटा की बिगबास्केट से है।
पिछले कुछ वर्षों में जेप्टो ने कई बड़े निवेशकों से फंडिंग जुटाई है। मजबूत निवेशकों का सपोर्ट और तेजी से बढ़ता यूजर बेस कंपनी के लिए आईपीओ का रास्ता आसान बनाता है। बाजार में लिस्टिंग के बाद कंपनी को और पूंजी मिलने के साथ-साथ ब्रांड वैल्यू भी मजबूत होगी।
सही समय पर बाजार में उतरने की कोशिश
कंपनी ने ऐसे समय में आईपीओ की तैयारी शुरू की है जब भारतीय शेयर बाजार में टेक और कंज्यूमर कंपनियों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ रही है। जेप्टो संभवतः बाजार के सही मौके का इंतजार करेगी और परिस्थितियां अनुकूल होने पर ही आईपीओ लॉन्च करेगी। जेप्टो का यह कदम बताता है कि क्विक कॉमर्स सेक्टर को लेकर कंपनियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। हालांकि, निवेशकों के लिए जरूरी होगा कि वे आईपीओ आने पर कंपनी की कमाई, घाटा और बिजनेस मॉडल को ध्यान से समझें, क्योंकि यह सेक्टर अभी भी भारी प्रतिस्पर्धा और ऊंचे खर्चों से जूझ रहा है।
