World Economic Forum 2025: 20 से 24 जनवरी 2025 तक स्विट्ज़रलैंड के दावोस-क्लोस्टर्स में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 55वीं वार्षिक बैठक में महाराष्ट्र को बड़ा निवेश मिला। 15.70 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का करार करने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब महाराष्ट्र डाटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन का केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि दावोस में उन्होंने महाराष्ट्र के लिए कुल 61 करार (एमओयू) किए हैं।
World Economic Forum 2025 में महाराष्ट्र को मिला बड़ा निवेश
बता दें कि दावोस-क्लोस्टर्स में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 55वीं वार्षिक बैठक निवेश के अवसरों और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण रही। इस उच्च-स्तरीय आयोजन में प्रमुख व्यावसायिक नेताओं और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम की इस वर्ष की थीम "बौद्धिक युग के लिए सहयोग" थी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 'विदेशी निवेश आकर्षित करने में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा है। महाराष्ट्र ने 15.70 लाख करोड़ के 57 करार किए हैं। मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों के लिए भी उत्पादन क्षेत्र के करार हुए हैं जिनसे 16 लाख से अधिक रोजगार का भी सृजन होगा।
इस बैठक में एसएआरसी एसोसिएट्स और इंडो यूरोपियन बिजनेस फोरम के संस्थापक सुनील कुमार गुप्ता ने ई-स्पोर्ट्स, गेमिंग, संगीत, इवेंट्स जैसी उभरती हुई उद्योगों (सनराइज इंडस्ट्रीज) को तुरंत मान्यता देने और इनसे संबंधित वैश्विक स्तर का बुनियादी ढांचा विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इसे भारतीय युवा बाजार के केंद्र (हब) के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर "मेक इन इंडिया (तीसरा संस्करण)" पुस्तक का विमोचन भी किया गया जिसे सुनील कुमार गुप्ता ने लिखा है।
पब्लिक लिमिटेड फिनटेक कंपनी पेमेट के स्वतंत्र निदेशक प्रोबीर रॉय ने कहा कि जब भारत आने वाले वर्षों में अपनी जीडीपी को दोगुना करेगा, तो मुझे उम्मीद है कि इस अतिरिक्त जीडीपी वृद्धि का पांचवां हिस्सा गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स और पेमेंट्स जैसे क्षेत्रों से आएगा, जो उपभोग और बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) केंद्रित हैं। मैं इसे 'एफएमबी' (फास्ट मूविंग टेक ड्रिवन बिजनेस) कहता हूं।
आशुतोष वर्मा, संस्थापक और सीईओ, ANVI ने कहा, "दावोस में एआई हाउस में विभिन्न वैश्विक भागीदारों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रतिभागियों के साथ मेरी बातचीत विशेष रूप से एएनवीआई के 'पर्सन-लेस बैंक' की दृष्टि को स्पष्ट करने में मूल्यवान रही। राजेंद्र बगड़े, निदेशक, इंडिया ग्लोबल चैंबर ऑफ बिजनेस ने कहा कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों को नए बाजारों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जो तेजी से बढ़ती मिलेनियल पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करें। ये बाजार जीवनशैली, मनोरंजन और माइक्रोपेमेंट्स की प्रवृत्तियों के संगम पर स्थित हैं। इस कार्यक्रम में आयोजित चर्चा सत्र में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत, मेट्रो की सीईओ सुश्री अश्विनी भिड़े आदि ने भाग लिया।
