Times Now Navbharat
live-tv
Premium

Explained: दुबई में धमाकों के बाद क्या भारतीय रियल एस्टेट मार्केट के प्रॉपर्टी रेट्स में आएगा उछाल? समझें हर पहलू

रियल एस्टेट एक्सपर्ट का कहना है कि दुबई में हुए धमाके भारत के लिए यह एक अवसर हो सकता है। बड़े प्रॉपर्टी निवेशक दुबई से भारत की ओर रुख कर सकते हैं। इससे भारत में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ सकती है। लक्जरी और प्रीमियम हाउसिंग को मुख्य रूप से फायदा मिलेगा।

Image
दुबई रियल एस्टेट मार्केट
Updated Mar 2, 2026, 13:01 IST

पिछले कुछ वर्षों में दुबई दुनियाभर के निवेशकों के लिए रियल एस्टेट का 'मक्का' बनकर उभरा था। भारत से लेकर यूरोप तक के रईसों के लिए दुबई में प्रॉपर्टी खरीदना एक स्टेटस सिंबल और सुरक्षित निवेश बन गया था। लेकिन ईरान-इजरायल युद्ध की आग ने एक झटके में इस चमकते बाजार की तस्वीर बदल दी है। दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा के पास हुए धमाकों और प्रतिष्ठित पाम जुमेराह इलाके में मिसाइल हमलों की खबरों ने निवेशकों के भरोसे को हिला कर रख दिया है। एक समय जो शहर अपनी सुरक्षा और विलासिता के लिए जाना जाता था, आज वहां के निवासी और निवेशक डरे हुए हैं। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि दुबई का बाजार अब पहले जैसा नहीं रहेगा, क्योंकि युद्ध की जद में आने के बाद यह अब 'सुरक्षित ठिकाना' नहीं रह गया है।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या इस स्थिति का फायदा भारत को मिल सकता है? क्या निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर भारतीय शहरों की ओर रुख करेंगे? अगर ऐसा होता है, तो क्या भारत में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी और कीमतों में तेजी आएगी? आइए समझते हैं कि दुबई पर हमलों के बाद वैश्विक रियल एस्टेट बाजार के समीकरण कैसे बदल सकते हैं और भारतीय प्रॉपर्टी बाजार को इससे कितना लाभ मिल सकता है।

दुबई पर हमला क्यों बड़ी बात?

रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि आमतौर पर UAE पर कोई जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर नहीं पड़ता था, इसलिए इस हमले के बाद हर कोई शॉक में है। इसका असर आने वाले दिनों में यहां के रियल एस्टेट मार्केट पर दिखाई देगा। दुबई पर हुए हमलों से शॉक फैक्टर पैदा हुआ है, जिससे कई रियल एस्टेट कंपनियों ने अपना ऑपरेशन टेम्पररी तौर पर सस्पेंड कर दिया है।

क्या दुबई प्रॉपर्टी बाजार में आएगी गिरावट?

रियल एस्टेट एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने टाइम्स नाउ नवभारत को बताया कि रियल एस्टेट का बाजार सेंटीमेंट से चलता है। सेंटीमेंट खराब होते ही बाजार तेजी से गिरता है। ईरान द्वारा हमले के बाद दुबई का रियल एस्टेट बाजार का सेंटीमेंट खराब हो गया है। इसका असर यहां के प्रॉपर्टी की कीमत और मांग पर होगा। पहले ही यहां सुस्ती है। ऐसा प्रॉपर्टी की कीमत में काफी तेज बढ़ोतरी के कारण है। अब धमाकों के बाद जब दुबई पर से 'सेप हेवन' का टैग भी खत्म हो गया है तो इसका असर आने वाले दिनों में दिखाई देगा। निवेशक यहां अपने निवेश में 30% से 40% कम कर सकते हैं। जहां तक भारतीय बाजार को फायदा मिलने का सवाल है तो यह होगा। भारत में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ सकती है। प्रॉपर्टी की मांग बड़े मेट्रो शहरों के अलावा टियर टू और थ्री शहरों, टेंपल सिटी और बुलेट ट्रेन, मेट्रो कॉरिडोर, आरआरटीएस जैसे इंफ्रा ग्रोथ वाले एरिया में देखने को मिलेगा। प्रॉपर्टी की कीमत पर फौरी असर अभी दिखाई नहीं देता है।

क्या भारत बनेएगा प्रॉपर्टी निवेशकों का ठिकाना?

दिग्गज रियल एस्टेट एक्सपर्ट और अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने बताया कि रियल एस्टेट केवल ईंट-पत्थर का खेल नहीं है, यह भरोसे का खेल है। जब बुर्ज खलीफा जैसी प्रतिष्ठित इमारत के पास धमाके होते हैं, तो निवेशक का भरोसा कांच की तरह टूट जाता है। दुबई अब 'डिस्कशन जोन' से निकलकर 'रिस्क जोन' में आ गया है। वहीं, दूसरी ओर भारत की अर्थव्यवस्था 7% से अधिक ग्रोथ रेट के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में है। राजनीतिक स्थिरता, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और मजबूत बैंकिंग सिस्टम इसे आकर्षक बनाते हैं। मेरा मानना है कि दुबई में अस्थिरता से भारतीय रियल्टी मार्केट में लक्जरी और प्रीमियम सेगमेंट घरों की मांग बढ़ेगी।

Dubai News

Dubai News

भारत की कैसे मिलेगा फायदा?

दुबई में बढ़ती अस्थिरता का सीधा फायदा भारतीय रियल एस्टेट मार्केट को मिल सकता है। इसके पीछे कई कारण हैं:

  • भारत की ओर रुख करेंगे निवेशक: दुबई पर हमले के बाद वैश्विक निवेशक अब खाड़ी देशों के बजाय भारत जैसे स्थिर लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की ओर रुख कर सकते हैं।
  • NRIs की घर वापसी होगी: दुबई में रहने वाले लाखों भारतीय (NRI) अब अपनी जमा-पूंजी को असुरक्षित विदेशी जमीन के बजाय भारत के मुंबई, गुरुग्राम, नोएडा और बेंगलुरु जैसे शहरों में 'फिजिकल एसेट' (लग्जरी फ्लैट्स और विला) के रूप में सुरक्षित कर सकते हैं।
  • प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी: दुबई से निवेश भारत में आने से दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु में प्रॉपर्टी की मांग 15-20% तक बढ़ सकती है।
End of Article