Why Gold-Silver Prices Declining: सितंबर 2026 के अंत में भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखी जा रही है। 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹1.48 लाख से ₹1.52 लाख के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि, MCX पर अक्टूबर और दिसंबर का वायदा भाव ₹1.47 लाख के आसपास है। वहीं, सोमवार को एक दिन में ₹4,000 तक की गिरावट हुई है। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड (XAU/USD) का भाव $4,142.32 के आसपास बना हुआ है और ज्यादातर ट्रेडर्स इसके $4,000 की तरफ लुढ़कने की उम्मीद कर रहे हैं।
गोल्ड रेट में बड़ी गिरावट
सवाल यह है कि क्या सोना ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के नीचे भी आ सकता है? फिलहाल ज्यादातर एक्सपर्ट्स इसे निकट भविष्य में संभव नहीं मान रहे हैं, लेकिन असंभव भी नहीं मान रहे हैं। इसके साथ ही गोल्ड की चमक फीकी पड़ने की 3 अहम वजहें सामने आई हैं।
यूएस फेड ने बढ़ाई टेंशन
पहली वजह, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और फेड की ब्याज दरें हैं। 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5.2% के आसपास पहुंच गई है, जो कई सालों का उच्चतम स्तर है। यील्ड असल में फेड की तरफ से रेट हाइक की उम्मीदें की वजह से बढ़ रही है। चूंकि सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची यील्ड इसे कम आकर्षक बनाती हैं। डॉलर मजबूत होने से भी अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर दबाव पड़ता है।
पश्चिम एशिया की जंग से बढ़ा महंगाई का डर
आमतौर पर गोल्ड को महंगाई के खिलाफ हेजिंग का एसेट माना जाता है। गोल्ड अक्सर क्रूड के साथ बढ़ता है। लेकिन, Hormuz Strait में जारी गतिरोध के कारण गोल्ड और क्रूड में नेगेटिव कोरिलेशन (Correlation) देखने को मिला है। फिलहाल, ब्रेंट 110 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। ऊंचे तेल दाम महंगाई बढ़ाते हैं, जिससे फेड सख्त नीति अपनाने पर मजबूर होता है। यह चक्र सोने-चांदी दोनों पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
निवेशक मांग में कमी और प्रॉफिट बुकिंग
इंटरनेशनल स्पॉट गोल्ड फिलहाल $4,130-4,150 प्रति औंस के आसपास सात हफ्ते के निचले स्तर पर है। ETF आउटफ्लो और कमजोर निवेशक मांग के साथ घरेलू बाजार में भी बिकवाली का दबाव है।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
नवीन दमानी (मोतीलाल ओसवाल) जैसे कुछ विश्लेषकों ने पहले गिरावट में ₹1.30-1.32 लाख प्रति 10 ग्राम तक सुधार की संभावना जताई थी, जिसे लंबे समय के निवेशकों के लिए खरीद का मौका माना गया। वहीं, अगर टेक्निकल सपोट्र की बात करें, तो फिलहाल ₹1.45-1.48 लाख और फिर ₹1.42-1.46 लाख के बीच गोल्ड मेजर सपोर्ट दिखा रहा है। इसके अलावा ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस का अनुमान है कि बाकी 2026 में घरेलू कीमतें ₹1.40-1.60 लाख की रेंज में रह सकती हैं। पूरी तरह ₹1 लाख के नीचे जाना फिलहाल बेस केस नहीं है, जब तक कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें $3,800-4,000 के करीब न गिर जाएं और रुपये में भारी कमजोरी न हो।
