तो क्या 1 अप्रैल से महंगा हो जाएगा हवाई सफर? केंद्रीय मंत्री ने दिया बड़ा संकेत

US-Israel-Iran War: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तेल संकट का असर भारतीय एयरलाइंस पर बढ़ता जा रहा है। 1 अप्रैल से विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में वृद्धि की संभावना है।

देश में हवाई यात्रा करने वालों के लिए आने वाला नया वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल 2026 चुनौतियों भरा साबित हो सकता है। पिछले कुछ समय से मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आग लगा दी है। इसका सीधा असर अब भारतीय विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) पर पड़ता दिख रहा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो एयरलाइंस कंपनियों के लिए टिकट की कीमतें स्थिर रखना मुश्किल हो जाएगा।

Flight Fares

ATF की कीमतों में उछाल

विमानन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च (Operating Cost) का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केवल ATF (Aviation Turbine Fuel) यानी हवाई ईंधन पर खर्च होता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चैन बाधित हुई है, जिससे एटीएफ की कीमतों में भारी उछाल आया है। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि सरकार एयरलाइंस कंपनियों पर नजर बनाए हुए है ताकि वे बेवजह कीमतें न बढ़ाएं, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना कि बाहरी भू-राजनीतिक (Geopolitical) कारणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 1 अप्रैल से जब नया बजट और नए नियम लागू होंगे, तो एयरलाइंस कंपनियां अपने घाटे को कम करने के लिए 'फ्यूल सरचार्ज' या बेस फेयर में बढ़ोतरी कर सकती हैं।

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