जब कोई व्यक्ति होम लोन (Home Loan) के लिए अप्लाई करता है तो बैंक उसके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) को जरूर देखता है। आमतौर पर 750 या उससे ज्यादा का CIBIL Score अच्छा माना जाता है और ऐसे ग्राहकों को लोन मिलने के अधिक चांस होते हैं। लेकिन केवल अच्छा CIBIL Score होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को सबसे कम ब्याज दर पर ही Home Loan मिलेगा। बैंक लोन की ब्याज दर तय करते समय कई दूसरे पहलुओं को भी ध्यान में रखते हैं। आइए जानते हैं होम लोन की ब्याज दर के लिए ये दूसरे पहलू कौन-से हो सकते हैं-
Home Loan किन वजहों से मिल सकता है महंगा (Photo: iStock)
पहले से चल रहे लोन
बैंक ग्राहक की पूरी क्रेडिट हिस्ट्री देख सकता है। अगर आपके ऊपर पहले से पर्सनल लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड का बड़ा बकाया है, तो बैंक इसे आपकी मौजूदा देनदारी के तौर पर देखेगा। समय पर भुगतान करने के बावजूद ज्यादा कर्ज होने की स्थिति में बैंक आपको ज्यादा जोखिम वाला ग्राहक मान सकता है।
आय, नौकरी की स्थिरता
अच्छा CIBIL Score होने के बावजूद आपकी आय, नौकरी की स्थिरता और मौजूदा EMI को देखकर बैंक लोन की शर्तें तय कर सकता है। अगर आपकी मासिक आय की तुलना में पहले से EMI ज्यादा है, तो बैंक अतिरिक्त होम लोन को लेकर सावधानी बरत सकता है। नौकरी बदलने का हालिया रिकॉर्ड या आय में अनिश्चितता भी बैंक के आकलन को प्रभावित कर सकती है।
लोन-टू-वैल्यू का असर
बैंक इस बात को भी ध्यान में रखता है कि आप आप घर की कीमत के मुकाबले कितना लोन मांग रहे हैं। अगर आप प्रॉपर्टी की कीमत का बहुत बड़ा हिस्सा लोन के तौर पर चाहते हैं और आपका खुद का योगदान कम है, तो बैंक के लिए जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में ब्याज दर या लोन की अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं।
प्रॉपर्टी की स्थिति
बैंक केवल ग्राहक की प्रोफाइल नहीं देखता, बल्कि जिस प्रॉपर्टी के लिए लोन लिया जा रहा है, उसकी कानूनी स्थिति, वैल्यूएशन और दस्तावेजों की भी जांच करता है। प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों में समस्या या वैल्यूएशन को लेकर जोखिम होने पर लोन की शर्तें प्रभावित हो सकती हैं।
होम लोन लेते समय केवल CIBIL Score पर ध्यान देने के बजाय अपनी आय, मौजूदा कर्ज, डाउन पेमेंट, प्रॉपर्टी की स्थिति और अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना जरूरी है। इससे लोन की कुल लागत को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
