Share Market Down:लगातार रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे शेयर मार्केट ने 20 दिसंबर को अचानक तगड़ा झटका दिया। शेयर 930 अंक गिरा और BSE में लोगों के 8.91 लाख करोड़ रुपये डूब गए। कंपनियों की मार्केट कैप में इतनी बड़ी गिरावट ने सबको चौंका दिया। और कोविड-19 के बढ़ते मामले, स्वेज नहर में तनाव और मुनाफावसूली जैसे कारण कयास लगाए जाने लगे। लेकिन अब तस्वीर साफ हो रही है। और इस गिरावट की बड़ी वजह स्मॉल और मिडकैप शेयर को बता रहे हैं। उनका कहना है कि हाई वैल्युएशन के कारण ऐसा हुआ। इसलिए अचानक गिरवाट देखेने को मिली।
जानें क्यों गिरा शेयर मार्केट
कितने गिरे Midcap और Small Cap शेयर
बुधवार की गिरावट में एक तरह जहां बीएसई स्मॉलकैप शेयरों के मार्केट कैप में 2.05 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई, वहीं बीएसई मिडकैप के शेयरों के मार्केट कैप में 2.05 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। यानी कुल 8.91 लाख करोड़ में से 4.10 लाख करोड़ रुपये मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स की वजह से डूब गए। इसी गिरावट के बाद एक्सपर्ट ने चेताया है।
आगे क्या करें निवेशक
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा है कि हाई वैल्यूएशन पर बाजार में तेज गिरावट का खतरा रहता है और यह हुआ। उन्होंने कहा कि दो रुझान बेहद अहम हैं, पहला, मिड और स्मॉल-कैप में करेक्शन, लार्ज-कैप में हुए करेक्शन से लगभग डबल है। दूसरा, कारोबार के दिन के अंत में डीआईआई बड़े खरीदार बन गए। चूंकि वैल्यूएशन अत्यधिक है इसलिए मिड और स्मॉल-कैप में करेक्शन की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गिरावट पर लार्जकैप में खरीदारी देखने को मिलेगी। निवेशक बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर सकते हैं और गिरावट आने पर उच्च गुणवत्ता वाले लार्ज-कैप स्टॉक खरीद सकते हैं।
प्रभुदास लीलाधर में टेक्निकल रिसर्च की वाइस प्रेसिडेंट वैशाली पारेख ने कहा कि निफ्टी शुरुआती 21,500 के सकारात्मक क्षेत्र में रहने के बाद भारी मुनाफावसूली के साथ दैनिक चार्ट पर 21,150 के करीब है, जो मंदी का पैटर्न दिखाता है। इसके पहले बुधवार को शेयर बाजार के बुधवार को नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर जाने के बाद 931 अंकों का गोता लगाने से निवेशकों को 8.91 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
सेंसेक्स पर सूचीबद्ध कंपनियो में सबसे ज्यादा 4.21 प्रतिशत की गिरावट टाटा स्टील में आई खी। इनके अलावा, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और जेएसडब्ल्यू स्टील भी घाटे में रहीं।
