13 फरवरी को शेयर बाजार में भारी तबाही देखने को मिली है। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी जहां 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए हैं। वहीं, मेटल और आईटी टॉप लूजर सेक्टर रहे। आईटी में जहां पिछले दिनों से लगातार जारी बिकवाली जारी रही, वहीं मेटल में लंबे बुल रन के बाद गिरावट देखने को मिली है।
भारतीय शेयर बाजार क्रैश
सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख इंडेक्स तेज गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 1,048 अंक यानी 1.25% गिरकर 82,626 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 336 अंक यानी 1.30% टूटकर 25,471 के स्तर पर बंद हुआ, जो 25,500 के अहम स्तर से नीचे है। दिनभर बाजार में दबाव बना रहा और रिकवरी की कोशिशें टिक नहीं सकीं।
आईटी शेयरों में लगातार तीसरे दिन बिकवाली
आईटी सेक्टर में बिकवाली बाजार पर सबसे ज्यादा भारी पड़ी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पारंपरिक आईटी बिजनेस पर असर की आशंका के चलते निवेशकों ने आईटी शेयरों में लगातार तीसरे सत्र बिकवाली की। निफ्टी आईटी इंडेक्स हफ्तेभर में 11% से ज्यादा टूट चुका है और साल 2026 में अब तक करीब 16% गिर चुका है। इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयर दबाव में रहे।
मेटल और मिडकैप शेयरों में भी दबाव
मेटल इंडेक्स में 3% से ज्यादा गिरावट रही, जिसमें हिंडाल्को जैसे शेयर नतीजों के बाद तेज टूटे। इसके साथ ही व्यापक बाजार में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1.7% और स्मॉलकैप 100 करीब 1.8% गिरकर बंद हुए, जिससे साफ है कि बिकवाली सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।
बाजार की कमजोरी बढ़ी
पूरे बाजार में बिकवाली हावी रही। कारोबार के दौरान करीब 766 शेयरों में तेजी रही, जबकि 2,388 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जो कमजोर बाजार चौड़ाई को दिखाता है। कई शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर के पास पहुंचे।
गिरावट की बड़ी वजहें
कमजोर ग्लोबल संकेत, अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की गिरावट, बढ़ती बाजार अस्थिरता (India VIX में उछाल), रुपये की कमजोरी और आईटी सेक्टर में लगातार बिकवाली ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। विश्लेषकों के मुताबिक, जब तक निफ्टी मजबूती से 25,500 के ऊपर वापसी नहीं करता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
- आईटी शेयरों में भारी बिकवाली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पारंपरिक आईटी कारोबार पर असर की आशंका के चलते इन्फोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे शेयरों में तेज गिरावट आई, जिससे पूरे बाजार पर दबाव बना।
- कमजोर ग्लोबल संकेत : अमेरिकी और एशियाई बाजारों में गिरावट, खासकर नैस्डैक में कमजोरी, का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
- मेटल शेयरों में तेज गिरावट : मेटल इंडेक्स 3% से ज्यादा टूटा, हिंडाल्को जैसे शेयर कमजोर नतीजों के बाद दबाव में रहे।
- बढ़ती बाजार अस्थिरता : India VIX यानी वोलैटिलिटी इंडेक्स में तेज उछाल से निवेशकों में डर बढ़ा और बिकवाली तेज हुई।
- रुपये में कमजोरी : डॉलर मजबूत होने और रुपये में गिरावट ने विदेशी निवेशकों की धारणा को कमजोर किया, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी।
