ग्लोबल सेंटिमेंट और घरेलू पॉलिसी नैरेटिव में शिफ्ट की वजह से सोमवार 11 मई को शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। हालांकि, इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और वोडाफोन आइडिया (Vi) खास चर्चा में हैं। जहां देश के सबसे बड़े बैंक SBI Share Price 5% तक लुढ़क गया। वहीं, Idea Share Price में 10% तक का उछाल आया है। मार्केट के डाउन ट्रेंड में Vodafone Idea में अचानक तेजी ने निवेशकों को चौंका दिया है।
शेयर बाजार में गिरावट के बीच भागा वोडाफोन
SBI क्यों टूटा?
SBI के शेयर में गिरावट की सबसे बड़ी वजह उसका Q4 रिजल्ट बना। बैंक का मुनाफा जरूर बढ़ा, लेकिन बाजार की नजर नेट इंट्रेस्ट मार्जिन (NIM)पर थी, जहां दबाव दिखा। मार्च तिमाही में SBI का प्रॉफिट 6% बढ़कर करीब ₹19,684 करोड़ रहा, लेकिन NIM घटकर 2.93% पर आ गया। यही बाजार को पसंद नहीं आया।
किन वजहों से बढ़ी चिंता?
SBI को लेकर निवेशकों के बीच ब्याज मार्जिन में कमजोरी एक बड़ी चिंता का विषय है। इसके अलावा बैंक को अलग-अलग शुल्कों से होने वाली आय भी घटी है। इसे लेकर भी निवेशकों की भावनाएं कमजोर हुई हैं। इन सबके बीच बैंक ने बताया कि स्लिपेज बढ़ा हैं। Morgan Stanley ने इसे लेकर कहा है कि हेडलाइन प्रॉफिट अच्छा रहा, लेकिन NII और NIM में कमजोरी के चलते टारगेट प्राइस घटाया है।
लॉन्ग टर्म में मिलेगी ग्रोथ
भले ही तिमाही नतीजों में कुछ चीजें निवेशकों को पसंद नहीं आई हैं। लेकिन, लॉन्गटर्म निवेशकों के लिहाज से अब भी शेयर में दम है। तमाम ब्रोकरे ने अब भी शेयर के लिए BUY रेटिंग कायम रखी है। इसके पीछे कंपनी की लोन ग्रोथ बड़ा फैक्टर है, जिसमें 17% की तेजी जारी है। इसके अलावा कंपनी ने SME और कृष कर्ज भी बढ़ाया है। वहीं, संपत्तियों में स्थिरता बनी हुई है। इसके साथ ही नए वित्त वर्ष के लिए मजबूत गाइडेंस दिया है।
Vodafone Idea में अचानक तेजी क्यों?
जहां SBI पर रिजल्ट का दबाव दिखा, वहीं Vodafone Idea में राहत की खबर ने शेयर को रॉकेट बना दिया। असल में सरकार ने कंपनी के AGR बकाया में बड़ी राहत दी है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट यानी DoT ने कंपनी के AGR बकाया को करीब 27% घटाकर ₹64,046 करोड़ कर दिया। पहले यह रकम ₹87,695 करोड़ थी।
Vi में क्या पसंद आया?
निवेशकों को वोडाफोन आइडिया में AGR ड्यूज में राहत सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर नजर आ रहा है। इसके अलावा बकाया भुगतान का प्लान भी निवेशकों को पसंद आया है। इसके तहत कंपनी को 99% भुगतान FY36-41 के बीच करना होगा। लिहाजा, फिलहाल अगले 10 साल तक बड़ा कंपनी के सामने कोई बड़ा कैश दबाव नहीं है।
आसान होगा विस्तार
AGR बकाया में राहत और लॉन्ग टर्म रिपेमेंट प्लान की वजह से कंपनी के लिए अब कर्ज जुटाना आसान हो जाएगा। इसकी वजह से कंपनी आसानी से विस्तार कर पाएगी। खासतौर पर नेटवर्क अपग्रेडेशन का रास्ता खुलेगा। मोटे तौर पर यही वजह है कि निवेशकों ने इसे टर्नआरांउड पॉइंट माना है। इसके अलावा रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी की प्रमोटर ब्रिटेन की Vodafone Group Plc अपनी हिस्सेदारी से जुड़ा कैपिटल सपोर्ट प्लान तैयार कर रही है। बाजार को उम्मीद है। इससे कंपनी को फ्रेश फंडिग मिल सकती है। इससे कंपनी को ₹25,000 करोड़ का कर्ज पूरा हो सकता है।
डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
