यूरोप के अधिकांश देशों में चलता है यूरो, फिर कोई देश महंगा, तो कोई सस्ता क्यों?

European Countries Prices Comparison: यूरोप के विभिन्न देशों में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें में समानता नहीं हैं। जबकि अधिकांश देशों की करेंसी यूरो ही है। प्राइस लेवल इंडेक्स दिखाते हैं कि विभिन्न देशों में सामान और सेवाएं कितनी महंगी या सस्ती हैं, जो खरीद शक्ति समानता (Purchasing Power Parities - PPPs) पर आधारित होती हैं। पश्चिमी और उत्तरी यूरोप के देशों में कीमतें अधिक होती हैं, तो कई देशों में सस्ती हैं। आइए जानते हैं कौन देश सस्ता है और कौन महंगा है।

European Countries Prices Comparison: यूरोप के विभिन्न देशों में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें काफी अलग-अलग होती हैं। ये अंतर न केवल पश्चिमी और उत्तरी यूरोप के महंगे देशों में देखे जाते हैं, बल्कि कभी-कभी पड़ोसी देशों जैसे ऑस्ट्रिया और हंगरी, या जर्मनी और पोलैंड के बीच भी होते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि यूरोप के देशों में कीमतों की तुलना कैसे की जाती है और सबसे महंगे व सबसे सस्ते देश कौन से हैं।

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यूरोप में कीमतों का अंतर क्यों? (तस्वीर-istock)

कीमतों की तुलना का तरीका: प्राइस लेवल इंडेक्स और PPP

यूरो न्यूज डॉट कॉम के मुताबिक कीमतों की तुलना करने के लिए प्राइस लेवल इंडेक्स (Price Level Indices) का उपयोग किया जाता है। यह इंडेक्स यह दर्शाते हैं कि किसी देश में वस्तुएं और सेवाएं यूरोपीय संघ (EU) के औसत की तुलना में कितनी महंगी या सस्ती हैं। यह तुलना पर्चेजिंग पावर पैरिटी (Purchasing Power Parities- PPPs) के आधार पर की जाती है, जो एक वर्चुअल करेंसी की तरह काम करती है और दिखाती है कि एक ही राशि में विभिन्न देशों में कितनी वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं।

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