Maruti Suzuki India Ltd के शेयरों में बुधवार 7 जनवरी को तेज गिरावट देखने को मिली। शेयर 4% से ज्यादा टूट गया और इसके साथ ही 6 दिन से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। यह बीते करीब 11 महीनों में Maruti Suzuki का सबसे बड़ा सिंगल-डे फॉल माना जा रहा है। दिन के निचले स्तर पर शेयर करीब ₹16,567 तक फिसल गया, जो लगभग 4.2% की गिरावट दर्शाता है। हालांकि, बड़ी तस्वीर देखें तो पिछले एक साल में स्टॉक करीब 43% की जबरदस्त तेजी दिखा चुका है, ऐसे में मौजूदा गिरावट को मुनाफावसूली से जोड़कर देखा जा रहा है।
मारुति के शेयरों में गिरावट (फोटो क्रेडिट, ओपन एआई/कैन्वा)
HSBC ने क्या कहा?
ब्रोकरेज फर्म HSBC ने Maruti Suzuki पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹18,500 प्रति शेयर तय किया है। HSBC का कहना है कि कंपनी का मार्केट शेयर अब सामान्य स्तर पर लौटकर करीब 40% पर आ गया है, जबकि कुल ऑटो डिमांड आउटलुक अब भी मजबूत है। इसके साथ ही HSBC के मुताबिक, अब स्टॉक के लिए तीसरी और चौथी तिमाही के मार्जिन सबसे अहम ट्रिगर होंगे। ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि अगर EBIT मार्जिन 10% से नीचे रहता है, तो बाजार निराश हो सकता है। साथ ही, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव को भी निकट अवधि का जोखिम बताया गया है।
बर्नस्टीन ने बढ़ाया टारगेट
एक अलग नोट में ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने Maruti Suzuki पर ‘Outperform’ रेटिंग बनाए रखी है। साथ ही, टारगेट प्राइस को ₹17,800 से बढ़ाकर ₹19,000 कर दिया है। यह अपग्रेड मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन आउटलुक को लेकर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
दिसंबर बिक्री ने दी मजबूती
कंपनी ने दिसंबर में कुल 2.17 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो स्ट्रीट अनुमान 2.12 लाख यूनिट्स से बेहतर रही। सालाना आधार पर यह बिक्री 22.2% ज्यादा रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में 1.78 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई थी। घरेलू पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में बिक्री 37.5% बढ़कर 1.78 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई, जो पिछले साल 1.3 लाख यूनिट्स थी। एंट्री-लेवल मॉडल Alto और S-Presso की बिक्री में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला, जो सालाना आधार पर 92% बढ़कर 14,225 यूनिट्स रही।
एनालिस्ट्स का नजरिया पॉजिटिव
Trendlyne के मुताबिक कुल 49 एनालिस्ट्स Maruti Suzuki को कवर कर रहे हैं। इनमें से 38 ने ‘Buy’, 7 ने ‘Hold’ और सिर्फ 4 ने ‘Sell’ रेटिंग दी है। हालिया गिरावट के बावजूद, ज्यादातर ब्रोकरेज का मानना है कि आगे स्टॉक की दिशा मार्जिन परफॉर्मेंस और कमोडिटी ट्रेंड्स पर निर्भर करेगी।
