Strait of Hormuz को दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा चोकपॉइंट क्यों माना जाता है?

Strait of Hormuz पर सस्पेंस करीब 2 महीने से जारी है, इसे दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा चोकपॉइंट माना जाता है. लेकिन ये इतना जरुरी क्यों है आइए जानते हैं?

दुनिया के नक्शे पर एक छोटा सा समुद्री रास्ता जिसे 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) कहा जाता है, वैश्विक अर्थव्यवस्था की असली धड़कन है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह संकरा रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसकी अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया भर में खपत होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यही कारण है कि ऊर्जा विशेषज्ञ इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'चोकपॉइंट' (Chokepoint) कहते हैं यानी एक ऐसा संकरा मार्ग जिसे अगर बंद कर दिया जाए, तो पूरी दुनिया की तरक्की का पहिया थम सकता है।

Strait of Hormuz

तेल और गैस का रास्ता

हॉर्मुज की रणनीतिक स्थिति इसे अद्वितीय बनाती है। सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और कतर जैसे दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादक देश अपना माल वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह इसी रास्ते पर निर्भर हैं। हर दिन यहाँ से करीब 21 मिलियन बैरल कच्चा तेल गुजरता है। सिर्फ कच्चा तेल ही नहीं, बल्कि लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई के लिए भी यह रास्ता अनिवार्य है। कतर, जो दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक है, अपना लगभग पूरा स्टॉक इसी रास्ते से भेजता है। ऐसे में, हॉर्मुज में मामूली सी हलचल भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों को रातों-रात बढ़ा देती है।

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