महंगे सोने के लालच में न लें भारी 'गोल्ड लोन', ईरान-इजराइल युद्ध के बीच छिपे हैं ये बड़े खतरे, एक छोटी चूक और नीलाम हो जाएंगे गहने

ईरान इजराइल वॉर के बीच सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एक्सपर्ट चेतावनी दे रहे हैं कि महंगे सोने पर ज्यादा कर्ज लेना रिस्क भरा हो सकता है, क्योंकि कीमतें कभी भी गिर सकती हैं और कर्ज चुकाने में दबाव बढ़ सकता है।

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मचा दी है। जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, निवेशक डरकर अपना पैसा सुरक्षित ठिकानों, जैसे कि सोने (Gold) में लगाने लगते हैं। यही कारण है कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही हैं। सोने के बढ़ते दाम देखकर आम लोगों में 'गोल्ड लोन' लेने की होड़ मच गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में गोल्ड लोन में 125% की भारी बढ़ोतरी हुई है। लेकिन एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि महंगे सोने को देखकर ज्यादा कर्ज लेना आपको 'कर्ज के जाल' में फंसा सकता है। आइए जानते हैं एक छोटी से गलती कैसे आपके सोने के गहनों को नुकसान पहुंचा सकती है?

Gold Loan vs Personal Loan

क्या हो सकता है नुकसान?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध की आहट ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। भारतीय बाजारों में भी सोने की चमक बढ़ने के साथ ही 'गोल्ड लोन' लेने वालों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। लेकिन, विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की ऊंची कीमतों को देखकर अपनी जरूरत से ज्यादा कर्ज लेना एक बड़ा वित्तीय जोखिम साबित हो सकता है। सबसे पहली समस्या 'कोलैटरल वैल्यू' के भ्रम से जुड़ी है। दरअसल, जब सोने के दाम बढ़ते हैं, तो बैंक और फाइनेंस कंपनियां आपके गहनों की बढ़ी हुई बाजार कीमत का लगभग 75% हिस्सा लोन के रूप में देने को तैयार हो जाती हैं। उदाहरण के तौर पर, जिस सोने पर पहले आपको 1 लाख रुपये मिल रहे थे, अब उसी पर 1.25 लाख या उससे अधिक का लोन आसानी से मिल जाता है। लोग अक्सर इस बढ़ी हुई रकम के लालच में आकर अपनी चुकाने की क्षमता से अधिक कर्ज ले लेते हैं, जबकि युद्ध जैसी स्थितियों में कीमतों का यह उछाल अक्सर 'अस्थाई और भावनात्मक' होता है, जो हालात सुधरते ही तेजी से गिर सकता है।

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