India Economic Conclave 2024: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार क्वार्टर से क्वार्टर तक नहीं चलती, हमारा ध्यान लंबे समय के लक्ष्यों और स्थिर विकास पर है। इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के 10वें संस्करण में उन्होंने स्वीकार किया कि हालांकि, चुनावी प्रक्रिया के दौरान नीतिगत फैसलों और विकास कार्यों की गति धीमी हो जाती है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि तीसरी तिमाही में ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च बढ़ने और बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के चलते भारत की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है।
इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के 10वें संस्करण में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
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पिछली तिमाही में क्यों सुस्त पड़ी इकोनॉमी?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जिस तरह से बैंकों में अब फिर से तेजी देखी जा रही है। जिस तरह से बुनियादी ढांचे पर खर्च फिर से पटरी पर आ गया है, मुझे लगता है कि मार्च में साल के अंत तक रिजर्व बैंक का अनुमान है कि यह फिर से पटरी पर आ जाएगा। मैं सभी अनुमानों के अनुसार लगभग 7% की वृद्धि की उम्मीद करता हूं। ऐसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद इस साल भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। और मैं सभी समीक्षकों को आश्वस्त कर सकता हूं कि भारत लंबे समय तक इसमें बना रहेगा, हम अपनी विकास गाथा को आगे बढ़ाने की ओर अग्रसर हैं।
इनोवेशन और बुनियादी ढांचे पर बड़ा दांव
पीयूष गोयल ने 1 लाख करोड़ रुपये के रिसर्च और इनोवेशन फंड (NRF) की घोषणा को देश के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह निवेश भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। वही रिसर्च जो यूरोप या स्विट्जरलैंड में 10 गुना अधिक लागत पर होता, अब भारत में अत्यंत प्रभावी ढंग से किया जाएगा।
भारत वैश्विक निवेशकों का आकर्षण
गोयल ने यह भी बताया कि भारत ने हाल ही में एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किया है, जिसके तहत स्विट्जरलैंड और नॉर्वे जैसे देशों ने 100 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है। यह निवेश 10 लाख डायरेक्ट जॉब्स और करीब 40-50 लाख इनडायरेक्ट जॉब जनरेट करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहला ऐसा समझौता है जो केवल गुड्स और सर्विस तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश और विकास की एक नई परिभाषा गढ़ता है। उन्होंने कहा कि यह निवेश दिखाता है कि उन्होंने पता है कि इंडिया इज द फ्यूचर, इंडिया इज द ग्रोथ स्टोरी।
भारत: 30 वर्षों में 8-10 गुना बड़ी अर्थव्यवस्था
गोयल ने भविष्यवाणी की कि अगले 30 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था 8-10 गुना बढ़ेगी, जबकि यूरोपीय अर्थव्यवस्थाएं इसी अवधि में केवल दोगुनी होंगी। उन्होंने कहा कि भारत वह भविष्य है, जिसे दुनिया ने पहचाना है। वैश्विक निवेशक अब इस विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
