अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को अचानक भारी गिरावट देखने को मिली। कभी लोगों को मालामाल बनाने वाली अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ़्रा और रिलायंस पावर के शेयरों में गुरुवार अचानक 5 फीसदी तक की गिरावट आई है। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी से जुड़ी कुछ जगहों पर छापेमारी की, जिसके बाद रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे स्टॉक्स में भारी गिरावट आई।
इस कार्रवाई के चलते रिलायंस पावर के शेयर लगभग 5% गिरकर लोअर सर्किट पर पहुंच गए। इसी तरह रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। यह खबर आते ही शेयर बाजार में घबराहट फैल गई और निवेशकों ने इन कंपनियों के शेयर बेचने शुरू कर दिए।
कई ठिकानों पर छापेमारी
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, ईडी की यह रेड कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई में अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए। हालांकि इस छापेमारी को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी नहीं आई है, लेकिन बाजार पर इसका असर साफ दिखा। निवेशकों में डर और अनिश्चितता की वजह से स्टॉक्स में गिरावट आई।
स्टॉक का हाल
- रिलायंस पावर: बीते कुछ समय से अनिल अंबानी की कंपनी चर्चा में थी और आज ED के एक्शन से रिलायंस पावर के शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। 12 बजकर 18 मिनट पर कंपनी का शेयर लोअर सर्किट लगने से 59.77 रुपए पर आ गए।
- रिलायंस इंफ़्रा : इसी तरह रिलायंस इंफ़्रा के स्टॉक में भी 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। कंपनी के शेयर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर 5 फीसदी की गिरावट के साथ 359.85 रुपए पर कारोबार कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों RAAGA कंपनियों के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई यस बैंक से जुड़े ₹3,000 करोड़ के कर्ज हेरफेर घोटाले के सिलसिले में की जा रही है। यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा ग्रुप कंपनियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई है। CBI की प्रारंभिक जांच के आधार पर ED ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया और 50 से अधिक कंपनियों और 25 व्यक्तियों से जुड़े 35 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की।
राष्ट्रीय आवास बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA), और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी एजेंसियों ने भी ED को अहम जानकारी दी है। हालांकि, खबर प्रकाशित करने तक रिलायंस अंबानी ग्रुप से इस कार्यवाही पर अभी कोई बयान नहीं आया है.
