रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुएं बनाने वाली प्रमुख कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड अब कुछ उत्पाद श्रेणियों से बाहर निकलने जा रही है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वह चाय, बच्चों व बुजुर्गों के डायपर और सैनिटाइज़िंग उत्पादों की बिक्री को बंद करने की योजना बना रही है। डाबर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) मोहित मल्होत्रा ने एक विश्लेषक मीटिंग में कहा कि कंपनी उन उत्पादों को हटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है जो मुनाफा नहीं दे रहे हैं। इसमें वैदिक चाय, शिशु और वयस्क डायपर, डाबर वीटा और सैनिटाइज़र जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं। इनका कंपनी की कुल कमाई में योगदान मात्र 1% से भी कम है।
कम बिक्री वाले उत्पादों पर डाबर ने चलाई कैंची, अब मुख्य श्रेणियों पर होगा फोकस
मुख्य उत्पादों और लाभदायक श्रेणियों पर होगा फोकस
डाबर ने 2027-28 तक सालाना दो अंकों की वृद्धि (डबल डिजिट ग्रोथ) का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए कंपनी अब उन श्रेणियों में निवेश बढ़ाएगी जो उसकी कोर स्ट्रेंथ का हिस्सा हैं, जैसे कि हेल्थ सप्लीमेंट्स, आयुर्वेदिक उत्पाद और पर्सनल केयर आइटम्स।
कंपनी ने 2024-25 में कमाया ₹13,113 करोड़
डाबर का वित्त वर्ष 2024-25 का कुल रेवेन्यू ₹13,113.19 करोड़ रहा। कंपनी अब इस कमाई को तेज़ी से बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत वह अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर रही है और हाई परफॉर्मिंग प्रोडक्ट्स पर ही ध्यान केंद्रित करना चाहती है।
भाषा इनपुट के साथ
