'फॉर्च्यून' से क्यों किनारा कर रहा है अडाणी ग्रुप,कंपनी बेच सकती है बड़ी हिस्सेदारी

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Aug 9, 2023, 04:14 PM IST

Adani Enterprises May Sale Stake In Adani Wilmar: अडाणी विल्मर प्रमुख रुप से खाद्य तेल, आटा, चावल, दाल और चीनी जैसी उत्पादों की बिक्री करती है। जिसका 1999 में गठन हुआ था। कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की पहुंच 11.3 करोड़ से अधिक परिवारों तक है।

Adani Enterprises May Sale Stake In Adani Wilmar:अभी एक साल हुए जब अडाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडाणी विल्मर के IPO की बड़ी धूम थी। और रिटेल निवेशक ने जमकर कमाई भी कर डाली। लेकिन अब एक चौंकाने वाली खबर आई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार अडाणी इंटरप्राइजेज, अडाणी विल्मर में से अपनी 44 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का प्लान कर रही है। इसके लिए कंपनी बातचीत भी कर रही है। और इस डील से अडाणी ग्रुप को 2.7 अरब डॉलर की रकम मिल सकती है। हालांकि इस डील पर कंपनी के तरफ से कोई पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन अगर ऐसा है तो सवाल यह उठता है कि अडाणी विल्मर से इतनी बड़ी हिस्सेदारी बेचने का प्लान क्यों किया जा रहा है। जबकि कंपनी देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में से एक है और उसका फॉर्च्यून ब्रांड काफी हिट है।

Fortune Brand And Adani Group

फॉर्च्यून ब्रांड की घर-घर पहुंच

कौन है अडाणी विल्मर

अडाणी विल्मर प्रमुख रुप से खाद्य तेल, आटा, चावल, दाल और चीनी जैसी उत्पादों की बिक्री करती है। जिसका 1999 में गठन हुआ था। कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की पहुंच 11.3 करोड़ से अधिक परिवारों तक है। जून तिमाही में कंपनी को 79 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। और उसकी कमाई वित्त वर्ष 2022-23 में 55262 करोड़ रुपये थी। कंपनी में अडाणी इंटरप्राइजेज और सिंगापुर की कंपनी विल्मर इंटरनेशनल की करीब 88 फीसदी हिस्सेदारी है। इसमें अडाणी इंटरप्राइजेज की करीब 44 फीसदी हिस्सेदारी है।

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