Wholesale Price inflation:रिटेल महंगाई दर में मामूली गिरावट के बाद थोक महंगाई दर में भी गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी महीने में थोक महंगाई दर 3.85 फीसदी पर आ गई है। जबकि जनवरी 2023 में थोक महंगाई दर 4.73 फीसदी थी। थोक महंगाई दर में लगातार तीसरे महीने गिरावट का दौर जारी है। इसके पहले दिसंबर में थोक महंगाई दर 4.95 फीसदी पर रही थी। मंगलवार को वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल फरवरी की तुलना में थोक महंगाई दर में इस बार 0.20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं जनवरी 2023 में थोक महंगाई दर 4.73 फीसदी पर आकर 24 महीने के निचले स्तर पर आ गई थी।
थोक महंगाई दर में जनवरी के मुकाबले गिरावट
क्यों घटी कीमतें
थोक महंगाई दर घटने की प्रमुख वजह खाने-पीने की चीजों, पेट्रोलियम उत्पाद, प्राकृतिक गैस, कंप्यूयर, कंप्यूटर एसेसरीज, इलेक्ट्रिक वाहनों सहित केमिकल उत्पादनों की कीमतों में कमी आना रहा है। फरवरी में थोक महंगाई दर घटने का असर मार्च में रिटेल महंगाई दर के आंकड़ों में कमी के रूप में दिख सकता है। जिससे आरबीआई के ऊपर रिटेल महंगाई दर के सामान्य स्तर से ज्यादा रहने का दबाव कम हो सकता है।
रिटेल महंगाई में भी मिली मामूली राहत
इसके पहले सोमवार को रिटेल महंगाई के आंकड़ों में भी राहत दिखी । फरवरी में महंगाई दर 6.44 फीसदी रही । जबकि जनवरी में यह 6.52 फीसदी थी। फरवरी में खाद्य महंगाई दर 5.95 फीसदी रही। हालांकि यह आरबीआई के सामान्य स्तर से अभी भी ज्यादा है। महंगाई 6 फीसदी से ज्यादा रहने की प्रमुख वजह दालों, दूध और उनके उत्पादों की कीमत के साथ फुटवियर आदि के कीमतों में बढ़ोतरी होना रहा है।
