पिछले सप्ताह छुट्टियों के कारण कम कारोबारी सत्रों के बावजूद शेयर बाजार में अच्छी तेजी रही। बीएसई Sensex 943.29 अंक या 1.21 प्रतिशत, जबकि एनएसई निफ्टी में 302.95 अंक या 1.25 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार में तेजी से सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से आठ का कुल बाजार पूंजीकरण 1,87,497.45 करोड़ रुपये बढ़ गया। इसमें भारती एयरटेल सबसे अधिक लाभ में रही।
सेंसेक्स
पिछले सप्ताह, शीर्ष 10 कंपनियों में भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन सबसे अधिक 58,831.52 करोड़ रुपये बढ़कर 11,25,125.21 करोड़ रुपये हो गया। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मूल्यांकन 27,608.62 करोड़ रुपये बढ़कर 5,32,691.31 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने बाजार मूल्यांकन में 20,731.64 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे इसका कुल मूल्यांकन 9,34,063.56 करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 20,231.05 करोड़ रुपये बढ़कर 18,47,317.84 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का मूल्यांकन 18,577.91 करोड़ रुपये बढ़कर 5,63,314.50 करोड़ रुपये हो गया।
एचडीएफसी बैंक ने कराया था नुकसान
हालांकि, एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 16,163.04 करोड़ रुपये घटकर 12,31,315.53 करोड़ रुपये रह गया। बजाज फाइनेंस के मूल्यांकन में भी 9,769.3 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 5,65,437.17 करोड़ रुपये पर आ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही, जिसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस और एलआईसी का स्थान रहा।
मार्केट को लेकर एक्सपर्ट का क्या है कहना?
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बड़ी संख्या में कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि निवेशकों का ध्यान अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा पर रहेगा और वे अल्पकालिक खबरों के बजाय किसी स्थायी समाधान के संकेतों को अधिक महत्व देंगे, क्योंकि इसका असर वैश्विक निवेश, पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार स्थिरता या और कमी शेयर बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है और इससे वृहद आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिल सकता है।
