LPG-PNG-CNG और LNG में क्या है अंतर? कौन सी गैस है सस्ती और कहां होती है इस्तेमाल?

पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते भारत में गैस की किल्लत शुरू हो गई है। सरकार ने जरूरी वस्तु कानून लागू कर सप्लाई का नया प्लान बनाया है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि एलपीजी (LPG), एलएनजी (LNG), पीएनजी (PNG) और सीएनजी (CNG) में क्या अंतर है और ये गैस कहां इस्तेमाल होती हैं?

भारत इस समय ऊर्जा के मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण गैस की इंटरनेशनल सप्लाई में बड़ी रुकावट आई है। सरकार ने जरूरी वस्तु कानून लागू कर दिया है ताकि आम लोगों की रसोई में आंच जलती रहे। इस बीच बाजार में गैस के कई नाम जैसे एलपीजी (LPG), सीएनजी (CNG), पीएनजी (PNG) और एलएनजी (LNG) चर्चा में हैं। अक्सर हम LPG, PNG, CNG और LNG जैसे शब्द सुनते हैं, लेकिन बहुत से लोग इनके बीच के बुनियादी अंतर को नहीं समझ पाते। ये चारों गैसें ऊर्जा के स्रोत तो हैं, लेकिन इनकी बनावट, भंडारण (Storage) और इस्तेमाल करने का तरीका एक-दूसरे से काफी अलग है। इन अंतरों को समझना न केवल आपके सामान्य ज्ञान के लिए जरूरी है, बल्कि यह आपकी जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करने में भी मदद कर सकता है।

LPG Vs PNG

क्या है एलपीजी?

सबसे पहले बात करते हैं LPG (Liquefied Petroleum Gas) की, जो भारत के लगभग हर घर की रसोई में मौजूद है। यह मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का मिश्रण होती है। इसे भारी दबाव डालकर तरल (Liquid) रूप में सिलेंडरों में भरा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे दूर-दराज के इलाकों में आसानी से ले जाया जा सकता है जहां पाइपलाइन नहीं पहुंची है। हालांकि, यह अन्य गैसों के मुकाबले थोड़ी महंगी होती है और सिलेंडर खत्म होने पर इसे बार-बार बुक करने का झंझट रहता है।

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