SIP और Step-up SIP में क्या है अंतर? करोड़पति बनने के लिए कौन सा तरीका है बेहतर

अगर आप साधारण SIP से बोर हो चुके हैं, तो 'स्टेप-अप एसआईपी' आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे हर साल निवेश में एक छोटी सी बढ़ोतरी आपको करोड़ों का मालिक बना सकती है।

महंगाई के समय में हर कोई अपनी बचत को बढ़ाना चाहता है। निवेश के लिए लोग अक्सर SIP का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि 'स्टेप-अप एसआईपी' (Step-up SIP) करोड़पति बनने का एक शानदार शॉर्टकट साबित हो सकती है? जहां म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सबसे सरल और अनुशासित तरीका है SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। पिछले कुछ सालों में भारतीयों के बीच यह निवेश का सबसे पसंदीदा जरिया बनकर उभरा है। साधारण एसआईपी में आप हर महीने एक निश्चित राशि (जैसे ₹5,000 या ₹10,000) निवेश करते हैं। वहीं पैसों को सही तरीके से लगाने के तरीके को स्टेप अप SIP कहते हैं. अगर आप कम समय में करोड़पति बनने का सपना देख रहे हैं, तो इन दोनों के बीच के अंतर और स्टेप-अप की ताकत को समझना आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

SIP Vs STP

SIP बनाम स्टेप-अप SIP

साधारण एसआईपी में आपके निवेश की राशि पूरी अवधि के लिए स्थिर रहती है। उदाहरण के लिए, अगर आपने ₹5,000 की एसआईपी शुरू की, तो वह 10 या 15 साल तक ₹5,000 ही रहेगी। इसके विपरीत, 'स्टेप-अप एसआईपी' (जिसे टॉप-अप एसआईपी भी कहा जाता है) आपको हर साल एक निश्चित प्रतिशत या राशि से अपने निवेश को बढ़ाने की सुविधा देती है। यह आपकी बढ़ती हुई सैलरी या इनकम के साथ तालमेल बिठाने का एक शानदार तरीका है। मान लीजिए आपने ₹5,000 की एसआईपी शुरू की और उसमें हर साल 10% की बढ़ोतरी का विकल्प चुना, तो अगले साल आपकी एसआईपी ₹5,500 हो जाएगी और उसके अगले साल ₹6,050।

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