Personal Loan Pre-closure Penalty: जब आप अपनी जरूरतों के लिए पर्सनल लोन लेते हैं तो आमतौर पर उसकी एक तय अवधि (टेन्योर) होती है, जिसके दौरान आपको हर महीने EMI के रूप में भुगतान करना होता है। लेकिन कई बार लोग लोन के बोझ को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए इसे समय से पहले खत्म करने यानी प्री-क्लोज (Pre-closure) का विकल्प चुनते हैं। हालांकि, बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि समय से पहले लोन चुकाने पर भी बैंक की ओर से एक शुल्क लिया जाता है, जिसे प्री-पेमेंट पेनल्टी कहा जाता है।
प्री-पेमेंट पेनल्टी क्या है (Photo: iStock)
Loan Pre-closure Penalty क्या है
प्री-पेमेंट पेनल्टी वह चार्ज है, जो बैंक या वित्तीय संस्था आपसे तब लेती है जब आप अपने लोन को तय समय से पहले पूरा चुका देते हैं। दरअसल, बैंक लोन पर मिलने वाले ब्याज से कमाई करते हैं। जब आप लोन जल्दी बंद कर देते हैं, तो बैंक को भविष्य में मिलने वाला ब्याज नहीं मिल पाता। इसी नुकसान की भरपाई के लिए बैंक की ओर से यह पेनल्टी लगाई जाती है।
लोन के 5% तक लग सकती है Penalty
आमतौर पर, यह पेनल्टी आपके बकाया लोन अमाउंट (Outstanding Loan Balance) या उस ब्याज के आधार पर तय की जाती है, जो बैंक को मिलने वाला था। अधिकतर मामलों में यह शुल्क लोन राशि का 2% से 5% तक हो सकता है। हालांकि, यह दर अलग-अलग बैंकों और लोन की शर्तों के अनुसार बदल सकती है।
ध्यान से पढ़ें Loan Agreement
जब भी आप पर्सनल लोन लेते हैं तो यह बेहद जरूरी है कि आप अपने लोन एग्रीमेंट (Loan Agreement) को ध्यान से पढ़ें। इसमें प्री-पेमेंट पेनल्टी से जुड़ी सभी शर्तें और नियम विस्तार से लिखे होते हैं। कई बार लोग बिना पढ़े ही साइन कर देते हैं और बाद में उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।
इस पेनल्टी से कैसे बचें
हालांकि, कुछ आसान तरीकों से आप इस पेनल्टी से बच सकते हैं। पहला तरीका है कि आप ऐसे बैंक या लेंडर को चुनें, जो प्री-क्लोजर पर कोई शुल्क नहीं लेते। आजकल कई बैंक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यह सुविधा दे रहे हैं।
दूसरा तरीका यह है कि आप ऐसे लोन विकल्प चुनें, जिसमें एक निश्चित समय (जैसे 6 महीने या 1 साल) के बाद प्री-पेमेंट करने पर कोई पेनल्टी नहीं लगती। इससे आपको बिना अतिरिक्त खर्च के लोन जल्दी खत्म करने की सुविधा मिलती है।
