क्या है Panda Bonds, आखिर कैसे डूबते पाकिस्तान के लिए तिनके का सहारा साबित हुआ?

कंगाल पाकिस्तान के लिए अब पांडा बॉन्ड्स का सहारा मिला है। डूबती इकोनॉमी को बचाने के लिए पाकिस्तान ने चीनी मार्केट में पांडा बॉन्ड बेचकर करीब 26 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। आखिर क्या होते हैं पांडा बॉन्ड?

पाकिस्तान की इकोनॉमी पिछले कई वर्षों से उस नाव की तरह बहे जा रही है, जिसकी दिशा तय करने वाला कोई कप्तान नहीं और जिसमें दर्जनो छेद हो चुके हैं। अब पाकिस्तानी हुक्मरान कभी एक छेद बंद करते हैं, तो कभी दूसरे। इसी मशक्कत के बीच अब Pakistan ने पहली बार चीन के घरेलू बॉन्ड मार्केट में युआन-डिनॉमिनेटेड ‘Panda Bond’ जारी कर करीब 1.75 अरब युआन यानी लगभग 25.8 करोड़ डॉलर (करीब ₹2,100 करोड़) जुटाए हैं। यह पाकिस्तान का चीन के ऑनशोर कैपिटल मार्केट में पहला प्रवेश है।

Panda Bonds

पांडा बॉन्ड्स से पाकिस्तान ने जुटाया सस्ता कर्ज

क्या हैं पांडा बॉन्ड्स

Panda Bond ऐसे बॉन्ड होते हैं जिन्हें कोई विदेशी देश, कंपनी या संस्था चीन के घरेलू बाजार में चीनी करेंसी युआन में जारी करती है। इसका मकसद चीन के निवेशकों से फंड जुटाना और डॉलर पर निर्भरता कम करना होता है। इन बॉन्ड्स के जरिए उधार लेने वाले देशों को कई बार डॉलर बॉन्ड्स की तुलना में कम ब्याज दर पर कर्ज मिल जाता है। चीन इन्हें युआन को वैश्विक करेंसी बनाने की रणनीति के तहत बढ़ावा दे रहा है।

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