नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से भारत के G-20 प्रेसीडेंसी के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण किया। इस दौरान पीएम मोदी ने इसे भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया और कहा कि G-20 का ये लोगो केवल एक प्रतीक चिन्ह नहीं है, ये एक संदेश है, ये एक भावना है, जो हमारी रगों में है। ये एक संकल्प है जो हमारी सोच में शामिल रहा है। इस लोगो और थीम के जरिए हमने एक संदेश दिया है।
क्या है G20, भारत के लिए क्यों खास है इसकी मेजबानी? जानें हर डिटेल
क्या कहा PM मोदी ने?
G20 के लोगो, थीम और वेबसाइट के लॉन्च के दौरान सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 1 दिसंबर से भारत G20 की अध्यक्षता करेगा, यह भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने बताया कि G20 ऐसे देशों का समूह है जो विश्व की 85% GDP, 75% व्यापार और दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और भारत अब इस G20 समूह का नेतृत्व करने जा रहा है।
भारत एक ओर विकसित देशों से घनिष्ठ रिश्ते रखता है और दूसरी ओर विकासशील देशों के दृष्टिकोण को भी अच्छी तरह से समझता है, उसकी अभिव्यक्ति करता है। हमारा प्रयास रहेगा कि विश्व में कोई भी First World या Third World न हो, बल्कि केवल One World हो, पीएम ने कहा
क्या है G20?
G20 की नींव 26 सितंबर 1999 में कुछ वैश्विक वित्तीय संकट के चलते रखी गई थी। G20 दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है जो इकोनॉमी, व्यापार, स्वास्थ्य, जलवायु, मजबूत, सतत और संतुलित विकास और अन्य मुद्दों पर वैश्विक नीति के समन्वय का काम करती है।
फिलहाल इसमें यूरोपीय यूनियन सहित भारत, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कैनेडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, साउथ कोरिया, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, साउथ अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका जैसे 19 देश शामिल हैं। इसके साथ ही स्पेन, वर्ल्ड बैंक, संयुक्त राष्ट्र (UN), अफ्रीकन यूनियन और ASEAN इसके स्थाई अतिथि हैं। भारत ने कहा है कि वह G20 प्रेसिडेंसी के अतिथि के रूप में बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और यूएई को आमंत्रित करेगा।
G20 स्थायी सचिवालय या कर्मचारियों के बिना काम करता है। ग्रुप की अध्यक्षता सालाना सदस्यों के बीच घूमती है। 2021 में इस समिट को इटली में आयोजित किया गया था। वर्तमान में अध्यक्षता इंडोनेशिया के पास है। 2023 में भारत और 2024 में ब्राजील इस समिट की अध्यक्षता करेगा।
भारत के लिए G20 की मेजबानी क्यों हैं अहम?
इस समय दुनिया जलवायु परिवर्तन, यूक्रेन-रूस युद्ध, आर्थिक मंदी, वैश्विक असामनता, खाद्य असुरक्षा, सीमा विवाद और आतंकवाद जैसे तमाम चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में इससे कैसे निपटा जाए विश्व के बड़े देश भारत के साथ मिलकर इसका रोडमैप तय करेंगे और भारत को भी अपनी बात को जोर-शोर से रखने का एक बड़ा मंच मिलेगा।
इस साल इंडोनेशिया में होगा G20 समिट
प्रधानमंत्री मोदी अगले हफ्ते G20 समिट में भाग लेने इंडोनेशिया जाएंगे। यहीं पर औपचारिक तौर पर भारत को G20 की अध्यक्षता सौंपी जाएगी। इस साल G20 का आयोजन 15-16 नवंबर को इंडोनेशिया में होगा।
