क्या है गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का 'सेंचुरी बॉन्ड', क्यों दुनियाभर के निवेशकों के बीच हो रही इसकी चर्चा?

गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट 'सेंचुरी बॉन्ड' जारी करने की योजना बना रही है। कंपनी के इस कदम की दुनियाभर के निवेशकों में चर्चा हो रही है। खासतौर पर बॉन्ड्स में निवेश करने वाले इन्वेस्टर इसे लेकर खासे उत्साहित हैं। आखिर यह क्या है और इसकी चर्चा क्यों है?

Google की पैरेंट कंपनी Alphabet ने ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में हलचल मचा दी है। कंपनी ने अनोखा कदम उठाते हुए 100 साल की अवधि वाला बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई है। इसे कॉरपोरेट दुनिया में ‘सेंचुरी बॉन्ड’ कहा जाता है। टेक सेक्टर की किसी बड़ी कंपनी की तरफ से इतने लंबे समय का बॉन्ड जारी करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। इसी वजह से यह कदम निवेश जगत में सुर्खियां बटोर रहा है।

Alphabet Bonds

गूगल ने मचाई बॉन्ड मार्केट में हलचल

क्या होते हैं कॉरपोरेट बॉन्ड्स?

कॉरपोरेट बॉन्ड असल में निवेशकों से कर्ज लेने का तरीका है। कंपनियां पूंजी जुटाने के लिए निवेशकों को बॉन्ड्स जारी करती हैं। इसमें निवेशक कंपनी को एक तय अवधि के लिए पैसा उधार देते हैं और बदले में कंपनी उन्हें नियमित अंतराल पर तय ब्याज (कूपन) चुकाती है। इसके बाद अवधि पूरी होने पर मूल रकम लौटा दी जाती है। कंपनियां इन बॉन्ड्स के जरिए विस्तार, नए प्रोजेक्ट, कर्ज चुकाने या इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के लिए फंड जुटाती हैं, जबकि निवेशकों को अपेक्षाकृत स्थिर आय का विकल्प मिलता है।

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