Lien Amount in Bank: कई बार बैंक खाते (Bank Account) में पैसा दिखाई देता है, लेकिन जब उसे निकालने या किसी दूसरे खाते में भेजने की कोशिश करते हैं तो लेनदेन नहीं हो पाता। ऐसा अकाउंट के Lien Amount की वजह से हो सकता है। आसान भाषा में समझें तो यह खाते में मौजूद वह रकम होती है, जिस पर बैंक अस्थायी रूप से रोक लगा देता है। पैसा खाते में दिखाई तो देता है लेकिन जब तक यह रोक हटती नहीं है, तब तक ग्राहक उस रकम का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
Lien Amount क्या होता है (Photo: iStock)
Lien Amount का मतलब क्या है?
Lien Amount का मतलब है कि बैंक ने खाते की किसी निश्चित रकम पर अपना अधिकार या रोक दर्ज कर दी है। यह रकम खाते के कुल बैलेंस का हिस्सा होती है, लेकिन ग्राहक के लिए फिलहाल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं होती।
उदाहरण के लिए आपके बैंक खाते में 20,000 रुपये हैं और उसमें 5,000 रुपये का लियन अमाउंट लगा है। ऐसी स्थिति में खाते में कुल रकम 20,000 रुपये दिखाई दे सकती है, लेकिन इस्तेमाल के लिए उपलब्ध रकम 15,000 रुपये होगी।
बैंक Lien Amount क्यों लगाता है?
लियन लगाने के कई कारण हो सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने बैंक से कोई लोन लिया है और उसके बदले खाते की रकम को सुरक्षा के तौर पर रखा गया है, तो बैंक उस रकम पर लियन लगा सकता है।
इसी तरह एफडी (FD) के बदले ऋण लेने पर भी संबंधित जमा पर रोक लग सकती है। कुछ मामलों में बैंक के शुल्क, बकाया रकम या किसी लेनदेन से जुड़े विवाद के कारण भी रकम पर रोक लग सकती है।
इसके अलावा किसी कानूनी आदेश या जांच से जुड़े मामले में भी बैंक किसी रकम को रोक सकता है।
Lien Amount और खाते से पैसा कटना अलग है
यह अंतर समझना बहुत जरूरी है। अगर खाते में 10,000 रुपये हैं और 3,000 रुपये का लियन अमाउंट है तो इसका मतलब यह नहीं है कि बैंक ने 3,000 रुपये आपके खाते से निकाल लिए हैं। रकम खाते में मौजूद रहती है, लेकिन आप उसका इस्तेमाल नहीं कर सकते। जब लियन हट जाता है, तो नियम और स्थिति के अनुसार वह रकम दोबारा इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो सकती है।
लियन लगा है तो क्या करें?
अगर आपको अपने खाते में लियन अमाउंट दिखाई देता है और इसकी वजह पता नहीं है, तो सबसे पहले बैंक से संपर्क करें। बैंक से पूछें कि कितनी रकम पर रोक लगी है और उसका कारण क्या है।
अगर लियन किसी लोन, एफडी या बैंक से जुड़ी दूसरी सुविधा के कारण लगा है, तो बैंक आपको उसकी जानकारी दे सकता है। वहीं अगर आपको लगता है कि बिना वजह खाते में रोक लगाई गई है, तो बैंक में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
