भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं, जो आज के समय में मजबूत व्यापारिक रिश्तों में तब्दील हो चुके हैं। भले ही वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण दोनों देशों के बीच व्यापार सीधे तौर पर प्रभावित हुआ हो, फिर भी भारत और ईरान के बीच हर साल अरबों डॉलर का कारोबार होता है। भारत न केवल ईरान से अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कच्चा तेल और अन्य उत्पाद आयात करता है, बल्कि वहां फार्मास्यूटिकल्स, कृषि उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान का निर्यात भी करता है। आइए जानते हैं कि भारत और ईरान के बीच व्यापार का पूरा गणित क्या है और किन चीजों का लेन-देन सबसे ज्यादा होता है।
कितना होता है कारोबार
हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार का आकार लगभग 1.5 से 1.7 अरब डॉलर के आसपास है। भारत के दृष्टिकोण से, ईरान एक महत्वपूर्ण बाजार है, खासकर कृषि और फार्मास्यूटिकल्स के लिए।
भारत ईरान को क्या निर्यात करता है
भारत से ईरान जाने वाली प्रमुख चीजों में बासमती चावल (Basmati Rice) सबसे ऊपर है। इसके अलावा चाय, चीनी, ताजे फल, और दवाओं का ईरान में बड़ा बाजार है। भारतीय इंजीनियरिंग सामान, मशीनरी, और रसायनों का भी ईरान में अच्छा खासा निर्यात होता है। भारत अपनी खाद्य सुरक्षा और ईरान की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत ईरान से क्या आयात करता है
भारत ईरान से मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल उत्पाद, रसायनों, और उर्वरकों का आयात करता है। एक समय भारत ईरान से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल (Crude Oil) आयात करता था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण 2019 के बाद से यह आयात लगभग बंद या बहुत कम हो गया है। इसके बावजूद, ईरान से पेट्रोलियम उत्पाद और अन्य कच्चा माल भारत के उद्योगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
