पढ़ाई के बाद नहीं चुकाया एजुकेशन लोन तो अब कौन भरेगा EMI?

आज के महंगाई के जमाने में पढाई भी काफी महंगी हो गई है, अपनी पढाई पूरी करने के लिए लोग एजुकेशन लोन लेते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद एजुकेशन लोन चुकाना हर छात्र की जिम्मेदारी है। लेकिन क्या होगा अगर आप लोन की किस्तें समय पर नहीं भर पाए? कौन भरेगा EMI आप या आपका गारंटर? आइए जानते हैं?

आजकल उच्च शिक्षा (हायर एजुकेशन) काफी महंगी हो गई है। इंजीनियरिंग, मेडिकल या MBA जैसे प्रोफेशनल कोर्स की फीस अक्सर लाखों में होती है, जिसे हर कोई आसानी से भर नहीं सकता। ऐसे में कई होनहार छात्रों के सपनों को पूरा करने में मदद करता है एजुकेशन लोन। लेकिन लोन का नाम सुनते ही कई छात्रों और परिवारों के मन में डर भी बैठ जाता है कि कहीं यह ज़िंदगी भर का बोझ न बन जाए। तो सवाल उठता है कि ऐसे में कौन भरेगा EMI आप या आपका गारंटर? आइए आपको भी बताते हैं एजुकेशन लोन के नियम जो आमतौर पर हर किसी को नहीं पता होते।

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डिफॉल्ट की स्थिति में भुगतान कौन करेगा?

एजुकेशन लोन लेने वाले छात्रों की यह जिम्मेदारी होती है कि वे समय पर लोन चुकाएं। यदि नौकरी न मिलने या किसी वजह से भुगतान करना मुश्किल हो, तो छात्र बैंक से समय बढ़ाने या पुनर्भुगतान की शर्त बदलने का अनुरोध कर सकता है। लेकिन इसके बाद भी अगर छात्र लोन नहीं चुका पाता, तो बैंक उसे डिफॉल्टर घोषित कर देती है। इस स्थिति में लोन की भरपाई का जिम्मा गारंटर पर आ जाता है और बैंक गारंटर से पैसा वसूल सकता है।

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