दिल्ली के व्यापार पर युद्ध का असर: दवाइयों से लेकर ड्राई फ्रूट्स और ऑटो पार्ट्स हुए 40% तक महंगे

Western Asia War Impact: पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के कारण दिल्ली के व्यापार और उद्योग जगत में चिंता बढ़ गई है। दुबई के रास्ते भारत के उत्पाद पश्चिमी एशिया और यूरोप भेजे जाते हैं, लेकिन युद्ध से निर्यात प्रभावित हो रहा है। इसके चलते चांदनी चौक, खारी बावली, भागीरथ प्लेस, कश्मीरी गेट और सदर बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में बेचैनी का माहौल है।

Western Asia War Impact: पश्चिमी एशिया में जारी महासंग्राम से दिल्ली के व्यापार और उद्योग जगत में चिंता बढ़ गई है। दुबई के जरिए भारत के कई उत्पाद यूरोप और पश्चिम एशिया के देशों में जाते हैं, लेकिन युद्ध के कारण यह निर्यात प्रभावित हो रहा है। इसके चलते चांदनी चौक, खारी बावली, भागीरथ प्लेस, कश्मीरी गेट और सदर बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में बेचैनी का माहौल है। सीटीआई (चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि अगर यह युद्ध लंबे समय तक चलता रहा तो दिल्ली के व्यापार और उद्योग जगत में करीब 5000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। सीटीआई महासचिव गुरमीत अरोड़ा ने बताया कि ईरान समेत पश्चिम एशिया में शेरवानी और अन्य भारतीय परिधान बहुत लोकप्रिय हैं, लेकिन युद्ध के कारण निर्यात प्रभावित हो रहा है।

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पश्चिमी एशिया में युद्ध ने दिल्ली के व्यापार और उद्योग को झटका दिया (तस्वीर-istock)

सूखे मेवों और जरूरी वस्तुओं के दाम में तेजी

पश्चिम एशिया में स्थिति बिगड़ने से ईरान से आने वाले पिस्ता, आलू बुखारा, किशमिश, अंजीर, खजूर और मामरा जैसे सूखे मेवे 30 से 40 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। इससे दिल्ली के व्यापारी और उपभोक्ता दोनों प्रभावित हो रहे हैं। सीटीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग और उपाध्यक्ष राहुल अदलखा ने बताया कि कच्चे माल, केमिकल कंपोनेंट, प्लास्टिक और एल्यूमिनियम की कीमतों में तेजी के कारण दवा कंपनियों पर भी असर पड़ा है। टैबलेट और सिरप बनाने के साथ-साथ उनकी पैकेजिंग में प्लास्टिक और एल्यूमिनियम का बड़ा इस्तेमाल होता है।

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