Vedanta Semiconductors Display Glass Ventures: वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) अपने सहयोगी फर्म ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज (Twin Star Technologies) से सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बिजनेस का अधिग्रहण करेगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में सेबी (SEBI) ने वेदांता पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना जरूरी जानकारी को बताने के नियमों के उल्लंघन में लगाया गया था। वेदांता ने अपनी वेबसाइट पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी, जिसमें भारत में सेमीकंडक्टर बनाने के लिए फॉक्सकॉन के साथ वेंदाता ने साझेदारी की है, इस बात के संकेत थे, जबकि यह सौदा वेंदाता की होल्डिंग कंपनी के साथ हुआ था। SEBI ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया था।
अनिल अग्रवाल
वॉल्कन की होल्डिंग कंपनी है ट्विन स्टार
ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज, वॉल्कन (Volcan) की स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी है और ये वॉल्कन की होल्डिंग कंपनी है। वोल्कन इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड और फॉक्सकॉन ने पिछले साल गुजरात में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले प्लांट लगाने के लिए एक डील की थी। इसके तहत दोनों कंपनियों ने 19.5 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया था।
कैसे होगा अधिग्राहण?रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अधिग्रहण ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले यूनिट के शेयरों को फेस वैल्यू पर वेदांता को ट्रांसफर करके किया जाएगा। इस अधिग्रहण के साथ ही वेदांता ने अपने पोर्टफोलियो में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले ग्लास वेंचर को जोड़ने का ऐलान किया है।
क्या कहा अनिल अग्रवाल ने
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि यह प्रयास सिलिकॉन वैली जैसी आधुनिक और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स ईकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में पहला कदम है। वहीं वेदांता के सेमीकंडक्टर बिजनेस के सीईओ डेविड रीड ने इस मामले में कहा कि उनका मानना है कि भारत एक ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बन सकता है।
