Vande Bharat Speed: और तेज दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन, रेल मंत्री ने बताया इसके लिए क्या है प्लान

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Dec 22, 2023, 02:40 PM IST

Vande Bharat Train Speed: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में को बताया कि वंदे भारत ट्रेनों की गति बढ़ाई जाएगी। इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बाड़ लगाई जाएगी।

Vande Bharat Train Speed: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक भारतीय रेलवे वंदे भारत ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए तैयार है। लोकसभा में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि ट्रेनों को 110 किमी प्रति घंटे से 130 किमी प्रति घंटे की गति से संचालित करने में सक्षम बनाने के लिए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बाड़ लगाई जाएगी। इसके अलावा 130 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति के लिए पूरे ट्रैक पर सुरक्षा बाड़ लगाई जाएगी। वंदे भारत ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे तक की गति तक पहुंचने की क्षमता के साथ अपनी सेमी हाई स्पीड क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं। हालांकि सिग्नलिंग, ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर और बाड़ लगाने से संबंधित प्रतिबंधों के कारण, भारतीय रेलवे इन ट्रेनों को उनकी अधिकतम स्पीड पर संचालित करने में सक्षम नहीं है। वंदे भारत ट्रेनों के लिए रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के संबंध में बीजेपी सांसद द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री घनश्याम सिंह लोधी ने भारतीय रेलवे द्वारा सुरक्षा को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता पर जोर दिया।

Vande Bharat Train Speed

वंदे भारत ट्रेन को और तेज दौड़ाने का प्लान तैयार

ऐसे 110 किमी प्रति घंटे से 130 तक पहुंचेगी स्पीड

रेल मंत्री ने पटरियों के निरीक्षण, रखरखाव और मरम्मत के लिए व्यापक सिस्टम की रूपरेखा तैयार की। इस सिस्टम में आधुनिक ट्रैक संरचनाओं का उपयोग, पटरियों की नियमित गश्त, रेल खामियों की पहचान करने के लिए अल्ट्रासोनिक दोष पहचान परीक्षण और मशीनीकृत ट्रैक रखरखाव समेत अन्य उपाय शामिल हैं। वैष्णव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 110 किमी प्रति घंटे से लेकर 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड के लिए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बाड़ लगाना अनिवार्य है। जबकि 130 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति के लिए यह न्यूनतम मानक के रूप में पूरे ट्रैक पर आवश्यक है। लोधी ने वंदे भारत ट्रेनों द्वारा उपयोग की जाने वाली रेलवे पटरियों पर असामाजिक तत्वों के कारण होने वाली रुकावट की घटनाओं पर भी चिंता जताई। जवाब में वैष्णव ने बताया कि जनवरी से नवंबर 2023 तक पटरियों पर विदेशी वस्तुओं को रखने से जुड़ी चार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। इन मामलों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

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