अमेरिका में भारतीयों को बड़ा झटका! वीजा फ्रॉड जांच के बीच कॉग्निजेंट के ग्रीन कार्ड आवेदनों पर रोक

US H-1B Visa Fraud Probe: ट्रंप प्रशासन ने कथित वीजा धोखाधड़ी की जांच के तहत कॉग्निजेंट के ग्रीन कार्ड (PERM) आवेदनों पर रोक लगा दी है। इससे अमेरिका में कार्यरत भारतीय आईटी पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

US H-1B Visa Fraud Probe : अमेरिका में नौकरी करने और वहां स्थायी रूप से बसने का सपना देख रहे भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ी और झटकेदार खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन ने वीजा धोखाधड़ी के एक मामले की जांच के तहत दिग्गज आईटी कंपनी कॉग्निजेंट (Cognizant) के लिए नए 'ग्रीन कार्ड' आवेदनों की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह फैसला अमेरिकी श्रम विभाग ने ट्रंप प्रशासन के तहत 'व्हाइट हाउस फ्रॉड टास्क फोर्स' के साथ मिलकर की गई जांच के बाद लिया है। इस कदम से न केवल कॉग्निजेंट में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है, बल्कि टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल जैसी अन्य प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों के कर्मचारियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

Cognizant PERM suspension, US H 1B visa fraud probe, Indian IT professionals, US green card backlog, Labour Department investigation

ग्रीन कार्ड का रास्ता बंद! H-1B धोखाधड़ी मामले में कॉग्निजेंट पर अमेरिका की बड़ी कार्रवाई

वीजा फ्रॉड की जांच और कॉग्निजेंट पर कार्रवाई

अमेरिकी श्रम विभाग के महानिरीक्षक एंथनी डी'एस्पोसिटो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कार्रवाई की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉग्निजेंट और एक अन्य कंपनी क्लाउडेरा (Cloudera) की 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन' (PERM) फाइलिंग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। श्रम विभाग का कहना है कि जब तक एच-1बी और PERM कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कॉग्निजेंट को नए आवेदन दाखिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिकी कर्मचारियों के हितों और रोजगार से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

End of Feed