अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने की दी अनुमति, बोला- दुनिया को होगी मदद, लेकिन पुतिन को नहीं होगा बड़ा फायदा, कैसे?

Global Oil Export-Import: अमेरिका ने अस्थायी तौर पर रूस के तेल को खरीदने की अनुमति दी है, जो फिलहाल समुद्र में फंसा हुआ है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव कम करने और ईंधन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। यह निर्णय पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति में हुए व्यवधानों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

Global Oil Export-Import: वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में उछाल के बीच, अमेरिका ने एक असामान्य कदम उठाते हुए रूस के तेल की खरीद की अस्थाई अनुमति दे दी है, जो फिलहाल समुद्र में फंसा हुआ है। यह निर्णय मुख्य रूप से वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ाने और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से लिया गया है। इस फैसले की घोषणा यू.एस. ट्रेजरी (अमेरिकी वित्त विभाग) के एक वरिष्ठ अधिकारी स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया के जरिये की। उन्होंने कहा कि यह कदम तेल की वैश्विक आपूर्ति को बढ़ाने में मदद करेगा, खासकर तब जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण ऊर्जा बाजार अस्थिर हैं।

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अमेरिका ने रूस के समुद्र में फंसे तेल की खरीद की अस्थाई अनुमति दी (तस्वीर-istock/X)

समुद्र में फंसा तेल और बढ़ती तेल की कीमतें

हाल के समय में मध्य पूर्व और अन्य भागों में बढ़ते राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। तनाव के चलते तेल की कीमतें काफी ऊपर चली गईं हैं। उदाहरण के तौर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं, जो पिछले कई सालों में सबसे ऊंची रही। हालांकि वर्तमान में यह करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही है, यह अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से लगभग 35% अधिक है। तेल की इन ऊंची कीमतों ने वैश्विक बाजार में दबाव पैदा कर दिया है और कई देश ईंधन की उपलब्धता और कीमत को लेकर चिंतित हैं। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका ने यह अस्थाई कदम उठाया है, ताकि मौजूदा आपूर्ति को अधिक देशों तक पहुंचाया जा सके।

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