नई दिल्ली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने प्रमुख दरों पर एक बार फिर से बड़ा फैसला लिया है। यूएस फेड ने लगातर चौथी बार ब्याज दरों में 75 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर दी है। यह इस साल की यह छठी बढ़ोतरी है। लगातार बढ़ती महंगाई को कम करने के लिए दरें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इस संदर्भ में यूएस फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) ने कहा है कि दरें बढ़ने पर ब्रेक कब लगेगा, यह कहना जल्दबाजी है। हालांकि दरें बढ़ने की रफ्तार जल्द ही धीमी हो सकती है। फेड ने यह संकेत दिया है कि वे दिसंबर में अपनी दरों में बढ़ोतरी के साइज को धीमा करना शुरू कर सकते हैं।
US फेड ने ब्याज दर में फिर 75 अंकों की बढ़ोतरी, भारत पर ये होगा असर
दरें बढ़ने से क्या होगा असर?
मालूम हो कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आक्रामक दर वृद्धि से ग्लोबल स्तर पर शेयर मार्केट (Share Market) पर और विशेष रूप से भारत जैसी बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव डलेगा। दरअसल अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ओर से दर में बढ़ोतरी अमेरिकी निवेशकों को उभरते बाजारों से धन निकालने के लिए मजबूर करती है। इसके अलावा पहले से कमजोर भारतीय रुपये पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। जब रुपया होता है, तो वह चालू खाते के घाटे को बढ़ाता है और आयात को महंगा कर देता है।
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— ANI (@ANI) Nov 3, 2022
बाजार विश्लेषकों की मानें, तो यूएस फेड की दर वृद्धि का भारतीय बाजार और भारतीय मुद्रा पर सीधा असर पड़ेगा। इसका कारण यह है कि अमेरिका में उच्च ब्याज दरें भारतीय इक्विटी को कम करती हैं। इससे विदेशी निवेशक दूर हो जाते हैं।
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— ANI (@ANI) Nov 2, 2022
भारत में भी इस साल 4 बार बढ़ी दरें
यह चौथी बार है, जब यूएस फेड ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी इस साल रेपो रेट में चार बार ही बढ़ोतरी की है। फिलहाल देश में रेपो रेट 5.90 फीसदी पर है। इस साल अब तक इसमें 1.9 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है।
