Union Budget 2023-24 Income Tax Expectations: देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए राहत भरी खबर है। आपको जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। अगर आप भी एक साल में पांच लाख रुपये तक कमाते हैं, तो ये खबर जरूर पढ़ें। मौजूदा समय में 2.5 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर सरकार टैक्स नहीं लगाती है। लेकिन जल्द ही इसकी सीमा बढ़ सकती है। सरकार इस सीमा को पांच लाख रुपये करने का विचार कर रही है। इसकी घोषणा 1 फरवरी 2023 को पेश होने वाले बजट (Budget 2023-24) में की जा सकती है।
Budget 2023-24 Income Tax Expectations: इतनी इनकम वालों को नहीं देना होगा टैक्स!
उल्लेखनीय है कि यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट है। ऐसे में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत की उम्मीद है। सरकारी सूत्रों के हवाले से बिजनस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार दो साल पुरानी कर व्यवस्था (Income Tax Regime) में पर्सनल टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की सोच रही है। तीन कारणों की वजह से टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही है -
बढ़ती महंगाई
देश में महंगाई बहुत बढ़ गई है। सिर्फ पेट्रोल- डीजल और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स ही नहीं, बल्कि खाने- पीने की चीजों की कीमत भी काफी बढ़ गई है। इसके ध्यान में रखते हुए उम्मीद की जा रही है कि सरकार जनता पर महंगाई का बोझ कम करेगी। हालांकि भारत में महंगाई थोड़ी कम हो रही है, लेकिन महंगाई के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। दरअसल रूस और यूक्रेन के बीच जंग ने दुनियाभर में वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित किया था। अब देखना ये है कि महंगाई से प्रभावित जनता को राहत देने के लिए सरकार इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाती है या नहीं।
लोन की ब्याज दरें
बढ़ती महंगाई के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में वृद्धि की। इस साल सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कुल 2.25 फीसदी का इजाफा किया है। इसका सीधा असर लोन ग्राहकों पर पड़ता है। रेपो रेट बढ़ने से बैंक लोन का ब्याज बढ़ा देते हैं और होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन सहित सभी तरह के लोन ग्राहकों ज्यादा ईएमआई का भुगतान करना पड़ता है। ग्राहकों पर इस बोझ को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि सरकार टैक्स छूट की सीमा बढ़ाए।
पिछले साल भी नहीं बढ़ी थी सीमा
सरकार की ओर से आखिरी बार वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में वैकल्पिक टैक्स व्यवस्था की घोषणा की गई थी। इसमें टैक्स की दरें कम रखी गई थीं, लेकिन विभिन्न छूट को भी खत्म किया गया था। इसके अगले साल यानी 1 फरवरी 2022 में इससे जुड़ी कोई घोषणा नहीं हुई। पुरानी टैक्स व्यवस्था में सेक्शन 80C और 80D के जरिए टैक्सपेयर्स टैक्स बचा सकते हैं। नई व्यवस्था में इस तरह की छूट नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि अब दो साल बाद इसमें बदलाव किया जा सकता है।
