EV और पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के Insurance में क्या है अंतर? आप न कर बैठें ये गलती

Electric vs conventional vehicle insurance: EV का इंश्योरेंस स्ट्रक्चर पेट्रोल-डीजल कारों जैसा ही होता है लेकिन इसके कुछ महंगे पार्ट्स इसे अलग बनाते हैं। ईवी के मंहगे पार्ट्स में बैटरी पैक भी शामिल होता है।

Electric vs conventional vehicle insurance: लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीदना चाहते हैं क्योंकि ईवी के साथ पेट्रोल-डीजल के खर्च से राहत मिल जाती है। हालांकि, EV खरीदने या पेट्रोल-डीजल कार से इलेक्ट्रिक कार पर स्विच करने से पहले इंश्योरेंस की लागत और कवरेज को समझना भी जरूरी है। इलेक्ट्रिक कार का इंश्योरेंस स्ट्रक्चर सामान्य कारों जैसा ही होता है, लेकिन इसके कुछ महंगे और तकनीकी पार्ट्स इसे अलग बनाते हैं।

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ईवी इंश्योरेंस को लेकर आप न करें ये गलतियां (Photo: iStock)

बैटरी पैक सबसे महंगे कंपोनेंट्स में शामिल

इलेक्ट्रिक कार का बैटरी पैक सबसे महंगे कंपोनेंट्स में शामिल होता है। किसी दुर्घटना में बैटरी को गंभीर नुकसान पहुंचने पर इसके रिपेयर या रिप्लेसमेंट का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा, EV में इलेक्ट्रिक मोटर, हाई-वोल्टेज सिस्टम और कई विशेष इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स होते हैं, जिन्हें रिपेयर करने के लिए ट्रेन्ड टेक्निशियन और विशेष उपकरणों की जरूरत पड़ सकती है।

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