ईरान का प्रस्ताव ट्रंप को मंजूर नहीं, क्रूड ऑयल 108 डॉलर के पार, अब आगे क्या?

अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम की संभावना खत्म होने से वैश्विक निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है। बातचीत के रास्ते बंद होने का सीधा असर कच्चे तेल के बाजार पर दिख रहा है, पिछले एक महीने में तेल की कीमतों में 14 फीसदी का उछाल आया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों ने एक बार फिर पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 3% से ज्यादा की जबरदस्त उछाल आई, जिससे कीमतें 109 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं और तेजी से 110 डॉलर के आंकड़े की ओर बढ़ रही हैं। इस अचानक आए उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता राजनीतिक तनाव है। पिछले महज एक महीने के भीतर ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में 13 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते बंद होने और संघर्षविराम की उम्मीदें खत्म होने से निवेशकों में घबराहट साफ देखी जा रही है। पिछले एक हफ्ते के दौरान ही ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 10% से अधिक की तेजी आई है। इस उछाल से यह स्पष्ट हो गया है कि वैश्विक बाजार कूटनीतिक विफलता और युद्ध के बढ़ते खतरों को लेकर कितना ज्यादा संवेदनशील है।

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खबर है कि ईरान द्वारा शांति और समझौते के लिए दिए गए एक ताजा प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकरा दिया है। ट्रंप के इस सख्त रुख के बाद तेल की वैश्विक सप्लाई को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है, जिससे बाजार में 'पैनिक' जैसी स्थिति बन गई है।

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