त्रिपुरा से यूरोप भेजा गया 18 मीट्रिक टन ऑर्गेनिक सुगंधित चावल, किसानों को मिलेगा 40% तक अधिक दाम

Tripura Ethnic Rice Export: एपीडा की मदद से त्रिपुरा से 18 मीट्रिक टन सर्टिफाइड ऑर्गेनिक चावल ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड निर्यात किया गया। इस सीधी पहुंच से स्थानीय किसानों को 40% तक अधिक दाम मिलेंगे।

Tripura Ethnic Rice Export : त्रिपुरा के किसानों और राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक बेहद गर्व का क्षण सामने आया है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से राज्य से 18 मीट्रिक टन एनपीओपी (NPOP) प्रमाणित एथनिक और जैविक चावल की एक बड़ी खेप यूरोप के बाजारों के लिए रवाना की गई है। इस अंतरराष्ट्रीय खेप को ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड भेजा गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस निर्यात का मुख्य उद्देश्य राज्य की पारंपरिक और जैविक कृषि उपज को वैश्विक पहचान दिलाना तथा स्थानीय किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है।

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यूरोप में त्रिपुरा के चावल की डिमांड (तस्वीर- ANI/istock)

चार विशेष पारंपरिक किस्मों का हुआ निर्यात

दो सितंबर को रवाना की गई इस ऐतिहासिक खेप में त्रिपुरा में उगाई जाने वाली चार प्रमुख और लोकप्रिय एथनिक चावल की किस्में शामिल हैं। इनमें सुगंधित काली खासा चावल, सुगंधित हरिनारायण चावल, बीरॉन चावल (सफेद चिपचिपा चावल) और माइमी हांगा चावल (काला चावल) शामिल हैं। यह सभी प्रोडक्ट्स त्रिपुरा स्टेट ऑर्गेनिक फार्मिंग डेवलपमेंट एजेंसी (TSOFDA) के सहयोग से स्थानीय किसान उत्पादक कंपनियों (FPCs) से सीधे एकत्र किया गया था। इस अंतरराष्ट्रीय डिलीवरी का प्रबंधन सोनीपत स्थित निर्यातक कंपनी 'मेसर्स प्रतीति ऑर्गेनिक फूड्स' द्वारा किया गया है।

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