‘काला सोना’ होने के बावजूद कंगाली, टॉप-10 तेल भंडार देशों की चौंकाने वाली हकीकत

दुनिया में तेल को ‘काला सोना’ कहा जाता है, क्योंकि यही संसाधन किसी देश की किस्मत बदल सकता है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिन देशों के पास तेल का सबसे बड़ा खजाना है, उनमें से कई आज भी आर्थिक संकट, महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं। आखिर क्यों टॉप-10 तेल भंडार वाले देशों में भी कंगाली दिखती है?

कच्चा तेल आज भी दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। चाहे गाड़ियां हों, फैक्ट्रियां हों या बिजली उत्पादन, हर जगह तेल की जरूरत पड़ती है। यही वजह है कि जिन देशों के पास ज्यादा तेल भंडार है, वे वैश्विक राजनीति और बाजार में मजबूत स्थिति रखते हैं। साल 2026 की शुरुआत में जारी आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जिनके पास आने वाले कई दशकों तक की जरूरतें पूरी करने लायक तेल मौजूद है। ऐसे में आइए जानते हैं सबसे ज्यादा ऑयल रिजर्व किसके पास है?

Venezuela Crude Oil

सबसे ज्यादा ऑयल रिजर्व

  • दुनिया में सबसे ज्यादा तेल भंडार वेनेजुएला के पास है। इस दक्षिण अमेरिकी देश के पास करीब 300 अरब बैरल से ज्यादा कच्चा तेल मौजूद है। यह तेल ज्यादातर Orinoco बेल्ट इलाके में पाया जाता है। हालांकि तेल भंडार सबसे ज्यादा होने के बावजूद वेनेजुएला आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से इसका पूरा फायदा नहीं उठा पा रहा है।
  • दूसरे नंबर पर है सऊदी अरब। सऊदी अरब के पास करीब 267 अरब बैरल का तेल भंडार है। यह देश दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में शामिल है और OPEC का सबसे ताकतवर सदस्य माना जाता है। सऊदी अरब का तेल निकालना आसान है, जिससे उसकी उत्पादन लागत भी कम रहती है।
  • तीसरे स्थान पर ईरान है, जिसके पास लगभग 209 अरब बैरल तेल का भंडार है। ईरान मध्य-पूर्व का बड़ा तेल उत्पादक देश है, लेकिन उस पर लगे प्रतिबंधों की वजह से इसका निर्यात सीमित रहा है। इसके बावजूद ईरान का तेल वैश्विक बाजार के लिए बेहद अहम माना जाता है।
  • चौथे नंबर पर कनाडा है। कनाडा के पास करीब 168 अरब बैरल तेल भंडार है। यहां तेल मुख्य रूप से ऑयल सैंड्स के रूप में पाया जाता है, जिसे निकालना महंगा और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। फिर भी कनाडा दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है।
  • पांचवें स्थान पर इराक है, जिसके पास करीब 145 अरब बैरल तेल मौजूद है। इराक की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल पर निर्भर है। लंबे समय तक युद्ध और अस्थिरता के बावजूद इराक का तेल उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
  • छठे नंबर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है। UAE के पास करीब 113 अरब बैरल तेल भंडार है। दुबई और अबूधाबी जैसे शहरों ने तेल से हुई कमाई को इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस में निवेश कर देश को मजबूत बनाया है।
  • सातवें स्थान पर कुवैत है, जिसके पास लगभग 102 अरब बैरल तेल है। कुवैत छोटा देश होने के बावजूद तेल की वजह से बेहद समृद्ध माना जाता है।
  • आठवें नंबर पर रूस है। रूस के पास करीब 80 अरब बैरल तेल भंडार है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादकों में शामिल है और यूरोप सहित कई देशों को ऊर्जा सप्लाई करता है।
  • नौवें स्थान पर लीबिया है, जिसके पास करीब 48 अरब बैरल तेल भंडार है। राजनीतिक अस्थिरता के चलते यहां तेल उत्पादन अक्सर प्रभावित होता रहता है।
  • दसवें नंबर पर अमेरिका है। अमेरिका के पास करीब 70 अरब बैरल का तेल भंडार है। शेल ऑयल तकनीक की वजह से अमेरिका तेल उत्पादन में दुनिया के टॉप देशों में शामिल हो चुका है।

End of Feed