Tomato Grand Challenge: टमाटर की कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय (Consumer Affairs Ministry) 'टमाटर ग्रैंड चैलेंज' (Tomato Grand Challenge) शुरू करेगा। इस ग्रैंड चैलेंज में टमाटर के प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग और स्टोरेज में सुधार के लिए नए आइडिया को इनवाइट किया जाएगा।
उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय टमाटर ग्रैंड चैलेंज शुरू करेगा
उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह के अनुसार इस सप्ताह टमाटर ग्रैंड चैलेंज शुरू किया जाएगा, जिसमें इनोवेटिव आइडिया आमंत्रित किए जाएंगे, प्रोटोटाइप बनेंगे और फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। कुछ इसी तरह का एक्सपेरीमेंट सरकार ने प्याज के मामले में भी किया था।
क्या है ग्रैंड चैलेंज का मकसद
रोहित ने कहा कि ग्रैंड चैलेंज का मकसद खेत, गांवों और शहरी स्तर पर प्री-प्रोडक्शन के लिए टेक्नोलॉजी डेवलप करने, प्राइमरी प्रोसेसिंग, पोस्ट-हार्वेस्ट, स्टोरेज और टमाटर के मूल्य निर्धारण के लिए इनोवेटिव, मॉड्यूलर और कॉस्ट इफेक्टिव सॉल्यूशन तैयार करना है। इसका एक और मकसद वैल्यू एडिशन प्रोवाइड करते हुए नुकसान को कम करने के लिए एक व्यापक रणनीतिक समाधान निकालना है।
प्याज पर भी लिए थे आइडिया
रोहित ने कहा कि हमने पिछले एक साल में प्याज के क्षेत्र में काम किया है। हमें प्याज के लिए लगभग 600 आइडिया मिले, जिनमें से 13 आइडिया पर अब एक्सपर्ट्स के मार्गदर्शन में गौर किया जा रहा है।
रोहित के मुताबिक टमाटर के मामले में, यदि अच्छी स्टोरेज और प्रोसेसिंग हो तो कीमतों में अचानक उछाल या गिरावट से निपटा जा सकता है।
बफर स्टॉक की तरह, इसके लिए भी एक स्थिर मैकेनिज्म होना चाहिए। इसके लिए बीज के स्तर पर इनोवेशन, प्राइमरी स्टोरेज, कटाई के बाद और फसल की जानकारी आवश्यक है।
