दुनिया देखती रह गई और भारत ने बदल दिया तेल का खेल, ईरान संकट के बीच ऐसे भरा अपना भंडार

ईरान संकट से कच्चे तेल की सप्लाई में आई गिरावट ने वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी। ऐसे माहौल में जहां कई देश ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं, वहीं भारत ने हालात को अपने पक्ष में मोड़ लिया है।

India oil imports: ईरान संकट और मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव के चलते दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर के पार पहुंच गई है। होर्मुज रूट बंद होने से भारत में भी गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, भारत ने इस संकट के समय में अपनी सूझ-बूझ से रास्ता निकाल लिया है। भारत ने खाड़ी देशों से इतर रूस अफ्रीका, ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों से कच्चे तेल का आयात कर अपना भंडार भर लिया है। आइए समझते हैं कि भारत कैसे अपनी जरूरत का तेल बिना किसी पेरशानी के ला रहा है।

Crude Oil Prices

तेल की कीमतों में उछाल

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी थी परेशानी

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% तेल आयात करता है। इसमें से आधा तेल 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है। 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया, तब से इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो गई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि तेल के रिजर्व कम होने के कारण भारत को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है, लेकिन भारत ने अपनी चतुराई से इस संकट को टाल दिया।

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