म्यूचुअल फंड में SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को लंबे समय तक चलाने से ही बड़ा फंड बनता है। लेकिन कई बार लोग यह सोचकर उलझ जाते हैं कि आखिर कितना निवेश करना चाहिए और कितने समय तक करना होगा। इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए एक्सपर्ट्स ने एक नया फॉर्मूला बताया है, जिसे कहते हैं SIP Rule 7-5-3-1। इस नियम से आप आसानी से समझ सकते हैं कि करोड़ों का फंड कैसे तैयार किया जा सकता है।
10 करोड़ का फंड ऐसे होगा तैयार
क्या है 7-5-3-1 रूल?
7-5-3-1 रूल SIP निवेश के लिए एक आसान और असरदार फॉर्मूला है। इस नियम के मुताबिक, आपको हर साल अपनी इनकम का करीब 7% हिस्सा SIP में लगाना चाहिए। निवेश करते समय यह ज़रूरी है कि आप कम से कम 5 अलग-अलग म्यूचुअल फंड्स में पैसा डालें, ताकि रिस्क फैले और रिटर्न बेहतर हो। इसके अलावा, इस निवेश को कम से कम 3 दशकों यानी 30 साल तक जारी रखना जरूरी है, तभी करोड़ों का फंड तैयार हो पाएगा। सबसे अहम बात यह है कि हर निवेश का एक लक्ष्य होना चाहिए—चाहे वह रिटायरमेंट हो, बच्चों की पढ़ाई हो या घर खरीदने का सपना।
- 7 – हर साल अपनी इनकम का 7% हिस्सा SIP में लगाइए।
- 5 – कम से कम 5 अलग-अलग म्यूचुअल फंड्स में निवेश करें ताकि रिस्क फैले।
- 3 – SIP को कम से कम 3 दशकों (30 साल) तक चलने दें, तभी बड़ा फंड बनेगा।
- 1 – हर निवेश का एक फाइनेंशियल गोल तय करें। जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदना।
10 करोड़ का फंड कैसे बनेगा?
अगर कोई व्यक्ति इस नियम को फॉलो करता है और लंबे समय तक लगातार निवेश करता है, तो 10 करोड़ रुपये तक का फंड बनाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कोई व्यक्ति हर महीने ₹25,000 SIP में लगाता है और उसे औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है। 30 साल बाद यह रकम करीब 10 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
क्यों है यह रूल खास?
इस नियम का फायदा यह है कि यह आपको अनुशासन सिखाता है। ज़्यादातर लोग बीच में SIP तोड़ देते हैं या बिना लक्ष्य तय किए निवेश करते हैं। लेकिन अगर आप 7-5-3-1 रूल अपनाते हैं, तो न सिर्फ निवेश लंबे समय तक जारी रहेगा बल्कि यह आपको एक बड़ा फाइनेंशियल सिक्योरिटी नेट भी देगा।
SIP में जल्दी शुरुआत करना, लगातार निवेश बनाए रखना और लक्ष्य तय करके चलना ही करोड़ों का फंड बनाने की कुंजी है। 7-5-3-1 रूल को अपनाकर आप आराम से अपने सपनों का फंड तैयार कर सकते हैं और भविष्य की फाइनेंशियल चिंता से मुक्त हो सकते हैं।
