नई दिल्ली। टाटा स्टील (Tata Steel) के पूर्व प्रबंध निदेशक और भारत के 'स्टील मैन' (Steel Man of India) कहे जाने वाले जमशेद जे ईरानी (Jamshed J Irani) का सोमवार देर रात निधन हो गया है। ईरानी 85 साल के थे। उनका निधन जमशेदपुर में हुआ। टाटा स्टील पद्म भूषण डॉ जमशेद जे ईरानी के निधन की सूचना दी। ईरानी 40 सालों से भी ज्यादा समय से टाटा स्टील के साथ जुड़े थे। 31 अक्टूबर 2022 को रात 10 बजे जमशेदपुर के टीएमएच (टाटा अस्पताल) में उनका निधन हो गया।
भारत के स्टील मैन जमशेद जे ईरानी का निधन, पूरे देश में शोक की लहर
43 साल की विरासत को पीछे छोड़ते हुए जमशेद जे ईरानी जून 2011 में टाटा स्टील के बोर्ड से रिटायर हुए थे। 2 जून 1936 को नागपुर में जिजी ईरानी और खोरशेद ईरानी के घर जन्में, डॉ ईरानी ने साल 1956 में साइंस कॉलेज, नागपुर से बीएससी और 1958 में नागपुर विश्वविद्यालय से जियोलॉजी में एमएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे जेएन टाटा स्कॉलर के रूप में यूके में शेफील्ड विश्वविद्यालय गए, जहां उन्होंने 1960 में मेटलर्जी में मास्टर्स की। इसके बाद 1963 में ईरानी ने मेटलर्जी में पीएचडी की डिग्री भी ली।
टाटा ग्रुप की कई कंपनियों से जुड़े ईरानी
विदेश में पढ़ने के बाद उन्होंने 1963 में शेफील्ड में ब्रिटिश आयरन एंड स्टील रिसर्च एसोसिएशन के साथ अपने पेशेवर करियर की शुरुआत भी की, लेकिन लेकिन 1968 में वे 'टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी' (अब टाटा स्टील) में शामिल होने के लिए भारत लौट आए। उन्होंने रिसर्च एंड डेवलप्मेंट के प्रभारी निदेशक के सहायक के रूप में काम शुरू किया। टाटा स्टील और टाटा संस के अलावा, ईरानी ने टाटा मोटर्स और टाटा टेलिसर्विसेज सहित टाटा ग्रुप (Tata Group) की कई कंपनियों के निदेशक के रूप में भी काम किया है।
2007 में मिला पद्म भूषण
उन्होंने साल 1992-93 के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भी संभाला। उन्हें कई सम्मानों से सम्मानित किया गया, जिसमें 1996 में रॉयल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के इंटरनेशनल फेलो के रूप में उनकी नियुक्ति और 1997 में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) द्वारा भारत-ब्रिटिश व्यापार और सहयोग में उनके योगदान के लिए मानद नाइटहुड शामिल है। इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए उन्हें 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
