TATA Power Q4 Results: भारत की सबसे बड़ी पावर जनरेशन कंपनी टाटा पावर ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2023) की नतीजे घोषित कर दिए। टाटा ग्रुप की पावर कंपनी टाटा पावर ने बताया कि मार्च तिमाही में उनका कॉन्सोलिडेटेड प्रॉफिट 48.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 939 करोड़ रुपये रहा। टाटा पावर के रेवेन्यू में बढ़ोतरी की वजह से कंपनी के लाभ में भी बढ़ोतरी हुई है।
भारत की सबसे बड़ी पावर जनरेशन कंपनी टाटा पावर ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए
वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में कितना हुआ था प्रॉफिट
कंपनी ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि 31 मार्च, 2022 को खत्म हुई मार्च तिमाही में टाटा पावर का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 632 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का एकीकृत राजस्व (Integrated Revenue) 6 प्रतिशत बढ़कर 12,755 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 12,085 करोड़ रुपये था। कंपनी के रेवेन्यू में दर्ज की गई इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में ज्यादा बिक्री और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में बढ़ोतरी है।
वित्त वर्ष 2022-23 में एकीकृत राजस्व बढ़कर 56,033 करोड़ रुपये हुआ
पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 1654 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 3,810 करोड़ रुपये रहा। जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में टाटा पावर का एकीकृत शुद्ध लाभ 2,156 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का एकीकृत राजस्व जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ 56,033 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2021-22 में टाटा पावर का एकीकृत राजस्व 42,576 करोड़ रुपये था।
शेयर होल्डरों के लिए 200 प्रतिशत के डिविडेंड की सिफारिश
वित्त वर्ष 2022-23 में टाटा पावर को हुए जबरदस्त फायदे को देखते हुए कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च, 2023 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए शेयरहोल्डर्स को 1 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर 2 रुपये यानी 200 प्रतिशत के डिविडेंड की सिफारिश की है। 19 जून को कंपनी की AGM की मीटिंग होनी है, जिसमें डिविडेंड पर मुहर लग सकती है। जिसके बाद 21 जून या फिर उसके कुछ दिनों बाद डिविडेंड की पेमेंट कर दी जाएगी।
भाषा इनपुट्स के साथ
